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चीन को प्रवक्ता नहीं मानेगा भारत

ांग्रेस ने पाकिस्तान की ओर से चीन को बोलने के लिए अधिकृत करने के पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी बाहरी और तीसरी ताकत के हस्तक्षेप या मध्यस्थता की बात स्वीकार नहीं होगी। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के इस बयान की कड़ी आलोचना की कि उनके देश की ओर से चीन को भारत से बातचीत करने का पूरा अधिकार दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत शिमला समझौते, लाहौर घोषणा तथा द्विपक्षीय समग्र वार्ता प्रक्रिया के तहत ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के इस बयान से विदेश नीति को लेकर उसके और भारत के बीच का फर्क साफ हो जाता है। जहां भारत की विदेश नीति आजादी के बाद से स्वतंत्र और गुटनिरपेक्ष रही है वहीं पाकिस्तान की विदेश नीति दूसरे देशों पर आश्रित रही है। शीतयुद्ध के दौरान पाकिस्तान विभिन्न सैन्य संगठनों से जुड़ा रहा।

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