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27 फरवरी, 2020|1:38|IST

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कश्मीरः वार्ताकारों का मुखिया होगा राजनीतिज्ञ

कश्मीरः वार्ताकारों का मुखिया होगा राजनीतिज्ञ

जम्मू-कश्मीर के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत करने के लिए बनने वाले वार्ताकारों के समूह का अध्यक्ष संभवत: कोई राजनीतिक व्यक्ति होगा, जिसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा।

सरकारी सूत्रों ने बताया, कश्मीर से जुडे विभिन्न मसलों पर विचार के लिए सुरक्षा मामलों के मंत्रिसमूह की बैठक संभवत: गुरुवार को होगी, जिसमें वार्ताकारों के समूह में शामिल व्यक्तियों के बारे में फैसला किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि किसी राजनीतिक व्यक्ति को वार्ताकारों के समूह का मुखिया बनाया जाएगा और उसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल होगा। उसका कार्यालय नई दिल्ली में होगा और उसे स्टाफ भी मुहैया कराया जाएगा।
 
सूत्रों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए केन्द्र द्वारा शनिवार को घोषित मुआवजे और स्कूल-कालेजों के लिए 100 करोड़ रुपये की अनुदान राशि कल जारी कर दी जाएगी। सूत्रों ने कहा कि हालात सामान्य होने में कुछ समय लगेगा। एकीकृत कमान की बैठक संभवत: 30 सितंबर को होगी, जिसमें सुरक्षाबलों की तैनाती, बंकर और चेक पोस्टों की संख्या कम करने पर विचार किया जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि राज्य में आज सभी सरकारी स्कूल और कालेज खुले। कस्बों में हालांकि छात्रों का प्रतिशत कम रहा लेकिन ग्रामीण इलाकों में 60 प्रतिशत से अधिक छात्र स्कूल कालेज गए। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने संभवत: पथराव और हिंसा की अन्य घटनाओं में गिरफ्तार किए गए युवकों को रिहा कर दिया है और बाकी लोगों को भी जल्द रिहा कर दिया जाएगा हालांकि 40 दुर्दान्त आतंकवादियों को रिहा नहीं किया जाएगा।
 
सूत्रों ने कहा कि कदम दर कदम कई उपाय किए जाएंगे और उन्हें चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा ताकि जम्मू-कश्मीर की जनता का विश्वास बहाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि जैसे जैसे राज्य में हालात सामान्य होंगे, अर्धसैनिक बलों की तैनाती कम की जाएगी और पुलिस को कानून व्यवस्था संभालने का जिम्मा दिया जाएगा। अब यह स्थानीय लोगों को तय करना है कि वे किस तरह का माहौल चाहते हैं। हालात शांत होने पर धीरे-धीरे बंकरों और चेक पोस्टों की संख्या भी कम की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गए 39 राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल वहां के अलगाववादियों सहित विभिन्न वर्गों से बातचीत कर केन्द्र सरकार को अपने नजरिये से अवगत कराया था। केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने उनसे चर्चा के बाद अपनी रपट सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) में पेश की और सीसीएस ने शनिवार को राज्य के लिए कई पैकेज और पहल की घोषणा की।

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