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यहां नहीं हुई ‘जय’

आप बेशक सात समंदर पार कितने ही झंडे गाड़ दें, लेकिन भारत में खुद को साबित करने के लिए संघर्ष करना जरूरी है। शुक्रवार को देशभर में रिलीज हुई फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ को यही सब सहन करना पड़ा। फिल्म के पहले ही शो में अधिकतर सिनेमाघरों में महा दस फीसदी उपस्थिति देखी गयी। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार प्रशांत विहार स्थित पीवीआर में सुबह 10.15 के शो में पीछे की कतार में मुट्ठीभर दर्शक बैठे दिखाई दिये। कुछ यही हाल दिल्ली के बाकी मल्टीप्लेक्स और सिनेमाहालों में भी देखा गया। हालांकि दोपहर के बाद कुछेक स्थानों पर स्थिति सुधरती दिखाई दी। गोल्डन ग्लोब में तहलका मचाने के बाद जब ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ ने ऑस्कर में एक-दो नहीं बल्कि 10 नामांकन हासिल किये तो पूरी दुनिया ‘जय हो’ बोल उठी। उधर, ऑस्कर में धमाकेदार नामांकन मिला तो इधर, देशभर के सिनेमाघरों में इस फिल्म को रिलीज किया गया। अगर फिल्म वितरकों और समीक्षकों का रुझान भांपे तो ऐसा किसी फिल्म को सफल बनाने के लिए काफी है। लेकिन फिल्म रिलीज हुई तो दूसरी ही तस्वीर सामने आयी। कुछ अन्य लोगों जिन्होंने दक्षिणी, पूर्वी उत्तरी दिल्ली के विभिन्न सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्सों में फिल्म देखी उन्होंने बताया कि फिल्म के पहले दो शोज में लोगों की संख्या बेहद कम थी। इसके मुकाबले महेश भट्ट कैंप की बहुचर्चित फिल्म ‘राज’ देखने के लिए लोगों की ज्यादा भीड़ थी। दक्षिणी दिल्ली स्थित पीवीआर साकेत में फिल्म देखने वाले राज माथुर ने बताया कि सुबह के शो में काफी कम लोग थे। शाम के शोज में थोड़ी बहुत भीड़ जुटी। तो उधर, पूर्वी दिल्ली में जब इस संवाददाता ने दोपहर का शो देखा तो भीड़ थोड़ी बढ़ती दिखी। लेकिन टिकट लेने वाला यह अकेला संवाददाता था। शाम होते-होते फिल्म के बार में मिलीजुली प्रतिक्रियाओं के साथ बॉक्स ऑफिस के ठंडा होने की खबर मिली। ऐसे मे एक युवा के जीवन की कड़ुवी सच्चाई को बयां करती इस फिल्म को दर्शकों का मोहताज न होना पड़े ऐसी कामना हर उस इंसान को करनी चाहिये जो वाकई में अच्छी फिल्में देखना पसंद करते हैं।

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