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किसी का क्या बिगाड़ा था पिताजी ने ..

आखिर कौन संभालेगा इतना बड़ा कारोबार। पिताजी ने किसी का क्या बिगाड़ा था। यह दिल दहला देने वाले वाक्य हैं मार गए व्यापारी रवीन्द्र राय के पुत्र अजीत व अरुण के। हत्या की खबर शुक्रवार की सुबह जसे ही दानापुर ,भट्ठा रोड स्थित उनके आवास पहुंची , चारों ओर चीत्कार होने लगी। सूचना जंगल की आग की तरह फैलने के बाद उनके घर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिान व स्थानीय लोग रवीन्द्र की विधवा को समझाने का प्रयास करते रहे पर उनकी आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।ड्ढr ड्ढr वह चिल्ला-चिल्ला कर कह रही थी जिसने भी मेरा सिन्दूर मिटाया है, भगवान उसे कभी नहीं माफ करगा। अरुण की बहन अपनी मां को बार-बार रो-रो कर चुप करा रहीड्ढr थी । उनकी हत्या से मोहल्ले में गमों का बादल छा गया वहीं बाजार में सन्नाटा पसर गया।ड्ढr बेटा अरुण कह रहा था कि किसी ने प्रतिद्वंद्विता में ही उनकी हत्या कर डाली। पोस्टमार्टम के बाद जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था उस वक्त चारों ओर कोहराम मचा था। हरक लोग यही कह रहे थे रवीन्द्र ने किस का क्या कसूर क्या था कि उनके परिानों पर इतना बड़ा मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।

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