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सत्यम घोटाला:पीडब्ल्यूसी के दो ऑडिटर गिरफ्तार

सत्यम विवाद में फंसी एकाउंटिंग फर्म प्राइसवॉटर हाउस के भारत में सहयोगी श्रीनिवास तलूरी और एस. गोपालकृष्णन को गिरफ्तार कर लिया गया है। आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा यह गिरफ्तारी की गई। तलूरी ने संकटग्रस्त आईटी कंपनी के वित्त वर्ष 2008 और गोपालकृष्णन ने वित्त वर्ष 2007 की बैलेंस शीट पर हस्ताक्षर किए थे। ऑडिटर फर्म प्राइसवॉटरहाउस सत्यम मामले में लैपटॉप और अन्य जरूरी दस्तावेजों को भारतीय चार्टर्ड एकाउंटैंट्स संस्थान (आईसीएआई) सौंप चुकी है। दूसरी तरफ खबर है कि प्राइसवॉटरहाउस की तरफ से एक पत्र अपने क्लाइंट्स को भेजा गया है जिसमें उसने खुद को निर्दोष कहा है। भागीदारों द्वारा गलत काम का सबूत नहींड्ढr आंध्रप्रदश पुलिस द्वारा प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स के दा भागीदारों का गिरफ्तार किए जान पर अफसास जाहिर करत हुए पीडब्ल्यूसी न कहा है कि उन दानों न काई गलत काम किया हा एसा उनकी नजर में नहीं आया है। साथ ही कंपनी न उनकी रिहाई के लिए पुरजार काशिश करने का भी वायदा किया है। आंध्रप्रदश सीआईडी सत्यम घोटाले के खुलासे के सिलसिले में एकाउंटिंग फर्म के प्रमुख रिलशनशिप पार्टनर गापालकृष्णन और एंगजमेंट लीडर श्रीनिवास तलूरी का गिरफ्तार किया है। कर्मचारियों के सत्यापन में जुटा एचआर विभागड्ढr घोटालों में फंसी आईटी कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स में वास्तव में कुल कितने कर्मचारी हैं, इसका सत्यापन करने में कंपनी का मानव संसाधन विभाग (एचआर) जुट गया है। कंपनी सूत्रों के अनुसार एचआर विभाग कर्मचारियों के विवरण के सत्यापन में लगा हुआ है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश सीआईडी ने यह दावा किया था कि सत्यम के पेरोल में 12 हजार कर्मचारी फर्जी हैं। सीआईडी ने स्थानीय अदालत को बताया था कि सत्यम के संस्थापक रामलिंगा राजू ने यह स्वीकार किया है कि कंपनी के पैरोल में 12 हजार फर्जी नाम हैं। इन कर्मचारियों के नाम पर राजू हर माह 20 करोड़ रुपए लेते थे। हालांकि राजू के वकील ने पुलिस के इस दावे को गलत बताया। उधर, कंपनी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल हम यह मानते हैं कि कंपनी के 53 हजार कर्मचारी हैं। वेतन भुगतान से खुद निपट लेगी कंपनीड्ढr सरकार न कहा है कि सत्यम का कर्मचारियों का वतन दन के लिए सरकारी सहायता की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि कर्मचारियों की संख्या उस वक्त विवाद का विषय बन गई जब सीआईडी न दावा किया कि प्रमुख आईटी कंपनी न अपन कर्मचारियों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई है। कंपनी मामलों के मंत्री प्रमचंद गुप्ता न कहा कि कंपनी को सरकार की मदद की जरूरत नहीं है। वतन भुगतान स कंपनी खुद ही निपट लेगी। सत्यम का कर्मचारियों के वतन की अदायगी समत प्रतिष्ठान लागत के तौर पर 500 कराड़ रुपए की जरूरत है।

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