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सियासी गतिविधियाँ तेज

विधान परिषद चुनाव के नतीजों से उत्साहित बहुजन समाज पार्टी ने अपना सारा ध्यान भदोही विधानसभा सीट के लिए अगले माह होने वाले उपचुनाव पर केन्द्रित कर दिया है। यह सीट बसपा विधायक अर्चना सरोज के असामयिक निधन से खाली हुई है। पार्टी ने यहाँ से स्व. अर्चना सरोज के परिवारीजन ए.एस. सरोज को प्रत्याशी बनाया है जबकि राय काबीना के दो वरिष्ठ मंत्रियों इंद्रजीत सरोज और नसीमुद्दीन सिद्दीकी को चुनाव प्रबन्धन की जिम्मेदारी दे दी गई है। अगले दो-तीन दिन में पार्टी पूर दमखम से यहाँ चुनाव प्रचार में जुट जाएगी। भदोही विधानसभा सीट के लिए 26 फरवरी को उपचुनाव होना है। दो फरवरी से इस सीट के लिए नामांकन शुरू हो जाएगा जबकि मतगणना एक मार्च को होगी। बसपा के लिए भदोही सीट की काफी अहमियत है।ड्ढr कारण- यूँ तो किसी भी सीट पर होने वाला उपचुनाव सत्तारूढ़ दल की प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है लेकिन यह उपचुनाव इसलिए और भी अहम हो गया है क्योंकि यह ऐन लोकसभा चुनाव से पहले हो रहा है। लिहाजा भदोही सीट जीत कर सत्तारूढ़ दल जहाँ यह संदेश देना चाहेगा कि सरकार बनने के करीब पौने दो साल बाद भी उसके वोटबैंक में कोई बिखराव नहीं आया है जबकि विपक्षी दल बसपा से यह सीट जीतकर साबित करना चाहेंगे कि जनता में बसपा सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष है।ड्ढr पार्टी के स्थानीय सूत्रों के अनुसार बसपा नेतृत्व ने विधानपरिषद चुनाव खत्म होते ही काबीना मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और इंद्रजीत सरोज को भदोही सीट के चुनाव प्रबन्धन की कमान सौंप दी है। श्री सरोज ने यहाँ काम शुरू भी कर दिया है जबकि श्री सिद्दीकी के 27 जनवरी को यहाँ आकर पार्टी संगठन की बैठक करने की खबर है।ड्ढr

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