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कम हो सकती है एचइसी की ब्याज दर

एचइसी की ब्याज दर कम हो सकती है। इसके लिए स्टेट बैंक और एचइसी के बीच बातचीत जारी है। वर्तमान में एचइसी को 12.25 प्रतिशत ब्याज देना पड़ रहा है। इसमें तीन प्रतिशत कमी करने की बात चल रही है। पूर्व में भी इस पर बात हुई थी और एचइसी ने इसके लिए हाइकोर्ट में आवेदन भी दिया था। तब बैंक ने इस पर विचार करने की बात कही थी। बैंक का कहना था कि यदि एचइसी का रिवाइवल पैकेा अंतिम रूप से स्वीकृत होता है, तो इस पर विचार किया जा सकता है।ड्ढr अगले माह बन जायेगी नयी प्रोमोशन नीतिड्ढr एचइसी में जून तक नयी प्रोमोशन नीति बन जायेगी। इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों की कमेटी भी बनी है। इस नयी नीति में यूनियनों का सुझाव भी आमंत्रित किया जायेगा। इस पर यूनियनों के साथ हुई वार्ता में सहमति बनी थी। एचइसी में विनोद कुमार कीड्ढr कामगारों के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में मांगा आरक्षणड्ढr एचइसी की मान्यता प्राप्त यूनियन ने आवासीय परिसर के निजी स्कूलों में कामगारों के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित करने की वकालत की है। इसके लिए यूनियन शीघ्र ही स्कूलों और प्रबंधन को प्रस्ताव देगी। महासचिव राणा संग्राम सिंह ने यह बात यूनियन की कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कही। सिंह ने एचइसी कर्मियों के बच्चों को स्कूलों में रियायत देने की भी मांग की। कहा कि निजी स्कूलों को एचइसी की ओर से सुविधाएं प्रदान की गयी हैं। इस कारण इन स्कूलों में एचइसी के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता देनी चाहिए।ड्ढr एचइसी कामगारों की सभा आज : पे रिवीजन एवं अन्य मांगों को लेकर एचइसी संघर्ष मोरचा की सभा सात मई को एचइसी मुख्यालय के समक्ष होगी। इसमें सभी कामगारों से शामिल होने की अपील की गयी है। मोरचा के नेता लालदेव सिंह ने कहा कि वर्ष 2007 का पे रिवीजन प्रबंधन नहीं देना चाहता है। इसके लिए संघर्ष की जरूरत है।

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