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सज्जन की अपील पर कोर्ट का फैसला सोमवार को

सज्जन की अपील पर कोर्ट का फैसला सोमवार को

वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगा मामलों में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार की अपील पर फैसला सुनाएगा। सज्जन ने इस मामले में अपने खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू किए जाने को चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और न्यायमूर्ति एआर दवे ने 13 सितंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 जुलाई को सज्जन के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई रोकने से इंकार कर दिया था, जिसे चुनौती देते हुए सज्जन ने न्यायालय में याचिका दायर की थी।

अदालत ने सज्जन के खिलाफ लगे हत्या के आरोपों समेत विभिन्न आरोपों को रद्द करने से इंकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि मुकदमे में देरी से एक तरह से सज्जन को फायदा ही पहुंचेगा।

न्यायालय ने 13 अगस्त को सज्जन के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया था। कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि अदालत ने जो बातें कहीं, उससे मुकदमे पर प्रभाव पड़ सकता है।

अपनी विशेष याचिका में सज्जन ने कहा कि शिकायतकर्ताओं ने उनके खिलाफ जो बयान दिया है, वह विश्वास के योग्य नहीं है। दूसरी ओर सीबीआई दंगों में सज्जन की कथित भूमिका की दोबारा जांच करने के अपने फैसले का यह कहते हुए बचाव कर रही है कि संसद ने इस बारे में फैसला किया था।

बाहरी दिल्ली के पूर्व सांसद सज्जन कुमार पर दो मामलों में अभियोजन चल रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 31 अक्टूबर, 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय के लोगों के खिलाफ भीड़ को उकसाया।

निचली अदालत ने इस वर्ष मई में सज्जन के खिलाफ धारा 302 (हत्या), 395 (डकैती, 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से की गई हरकत) और 153ए (दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने) के तहत आरोप तय किए थे।

सीबीआई ने सज्जन पर आरोप लगाया कि उन्होंने लोगों को सिख समुदाय के खिलाफ उकसाया, जिसके बाद दिल्ली कैंट इलाके में पांच लोगों को मार डाला गया। इस मामले में सज्जन के अलावा बलवान खोखर, कषन खोखर, महेंद्र यादव, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल भी आरोपी हैं।

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