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उत्तर भारत में भारी बारिश, उत्तराखंड में बदतर हालत

उत्तर भारत में भारी बारिश, उत्तराखंड में बदतर हालत

उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कुछ इलाकों में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं और नदियों में जलस्तर बढ़ने से 19 और लोगों की मौत हो गई।

उत्तराखण्ड में मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं से भारी तबाही हुई। अल्मोड़ा जिले में बादल फटने से एक मकान के मलबे के नीचे 12 लोगों के दबे होने की आंशका है। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार वर्षा के कहर से अब तक 17 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 अन्य लोग मलबों में दबे हुए हैं। राज्य की जीवन रेखा माने जाने वाली चार धाम यात्रा को बंद करना पडा है।
   
सबसे ज्यादा प्रभावित अल्मोड़ा जिला हुआ जहां प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा सितारगंज, हलद्वानी, पंतनगर, नैनीताल में भी काफी बारिश हुई। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि वर्षा ने पिछली रात से भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते कुल 17 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी और 10 अन्य के मरने की आशंका है।
   
वर्षा के चलते यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्गों को अलग-अलग स्थानों पर बंद कर दिया गया है। अल्मोडा जिले के प्रभारी पुलिस अधीक्षक पीडी पंत ने बताया कि जिले के देवली क्षेत्र में शनिवार को वर्षा के बाद भूस्खलन होने से तीन मकान जमींदोज हो गये, जिसमें चार व्यक्तियों की मौत हो गई और आठ अन्य के दबकर मरने की आशंका है। एक बच्ची सहित चार लोगों के शव को निकाल लिये गए है।

इसी तरह, जिले के बाल्टा क्षेत्र में करीब आधा दर्जन मकानों के गिरने से चार व्यक्तियो की मौत हो गई और दो व्यक्तियों के अंदर दबे होने की आशंका है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस और सेना से भी मदद के लिये कहा गया है। मौके पर पुलिस और राहत दल के लोग पहुंच गएहैं।

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान वर्षाजनित हादसों में दो और लोगों की मौत हो गई, जबकि अनेक स्थानों पर नदियों का जल स्तर अब भी उफान पर है और कुछ जिलों में तटवर्ती इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए है। राज्य मुख्यालय पर मिली खबरों के अनुसार, गोण्डा और आजमगढ़ जिलों में 24 घंटों के दौरान वर्षा के कारण हुई दुर्घटना में एक-एक व्यक्तियों की मौत हो गई।

इस बीच केन्द्रीय जल आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गंगा नदी का जलस्तर कानपुर और डलमऊ (रायबरेली) में बढ रहा है, जबकि गुमटिया (कन्नौज) और अंकिनाट में खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। शाहजहांपुर, डबरी, और फरुखाबाद में रामगंगा नदी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। वहीं, दूसरी ओर मथुरा में यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
   
हिमाचल प्रदेश में ऊंचे पर्वतीय इलाकों में तापमान गिरने से मौसम में ठंडक हो गई है और कालपा सबसे अधिक ठंडा स्थान रहा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम हो गया।

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