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दस साल पहले ही मधुमेह की हो जाएगी जानकारी

दस साल पहले ही मधुमेह की हो जाएगी जानकारी

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने एक ऐसी रक्त जांच विकसित करने का दावा किया है जिससे दस साल पहले ही मधुमेह होने की आशंका के बारे में जानकारी हासिल हो सकेगी।
    
किंग्स कालेज लंदन की एक टीम ने दावा किया है कि यह परीक्षण 50 फीसद ऐसे लोगों की पहचान कर सकता है जिन्हें मधुमेह की दूसरी किस्म होने की आशंका है और यह उन लोगों के बीच भेद कर सकता है जिन्हें मधुमेह के कारण दिल का दौरा, स्ट्रोक या रक्त संचरण में गड़बड़ी जैसी कोई जटिलता होने की आशंका होगी।
    
यह परीक्षण रक्त में आनुवांशिक अणुओं के स्तर की पहचान करता है। माइक्रो आरएनए (एमआईआर) नामक यह अणु दिल और धमनियों के रोगों के उच्च जोखिम वाले मरीजों के बारे में भी सटीक जानकारी दे सकता है।

प्रधान वैज्ञानिक डा मैनुअल मायर ने कहा कि उन्होंने परंपरागत तरीकों के साथ एमआईआर का इस्तेमाल करने पर विचार किया। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मधुमेह के कारण रक्त वाहिकाओं पर होने वाले असर को सीधे तौर पर आकलन कर सकता है।
    
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए यह पारिभाषित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे मरीज कौन से हैं जिन्हें मधुमेह के कारण दिल और वाहिकाओं की जटिलता का जोखिम हो सकता है। हमें उम्मीद है कि रक्त के मार्कर की यह नई श्रेणी हमें अतिरिक्त दृष्टि देगी जो मौजूदा परीक्षणों से नहीं मिल पाती।

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