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वीजा फीस मामले पर भारत-अमेरिका के बीच चर्चा

भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी [आईटी] क्षेत्र के पेशेवरों से जुडे़ वीजा एच-1बी और एल 1 पर शुल्क बढ़ाये जाने से जुड़ी चिंताओं से अमेरिका को अवगत कराया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार और परमाणु दायित्व विधेयक से जुडे़ मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी किया गया।

विदेश सचिव निरुपमा राव ने अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत में इन मुद्दों को उठाया। उनकी यह अमेरिका यात्रा राष्ट्रपति बराक ओबामा की नवंबर में प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों पर केन्द्रित रही। व्हाइट हाउस के अनुसार, निरुपमा राव ने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल [रिटायर्ड] जेम्स जॉन्स तथा ओबामा प्रशासन के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों से मुलाकात की।

राव की व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जॉन्स से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद [एनएससी] के प्रवक्ता माइक हेमर ने बताया कि दोनों इस बात पर सहमत थे कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापक सहयोग ही राष्ट्रपति ओबामा की भारत यात्रा को सफल बनायेगा। इससे दोनों के बीच आगे रणनीतिक भागीदारी भी बढे़गी।

हेमर ने बताया कि इसके अलावा राव और जॉन्स ने आपसी सौहार्द और स्थायित्व को ध्यान में रखते हुये दक्षिण एशिया क्षेत्र में चल रहे अन्य घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। राव ने कल का अपना पूरा दिन व्हाइट हाउस में बैठकों के दौर में ही बिताया। विदेश सचिव की व्हाइट हाउस में शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचारों और रणनीतिक हितों में एकरूपता का आभास होता है।

बातचीत के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी चिंताओं से भी एक-दूसरे को अवगत कराया। भारतीय अधिकारियों ने जहां एच1बी और एल1 वीजा का मुद्दा उठाकर अपनी चिंताओं का इजहार किया, वहीं अमेरिकी पक्ष ने भारतीय संसद में हाल में पारित परमाणु दायित्व विधेयक पर अपना असंतोष जाहिर किया। भारतीय पक्ष ने अमेरिका से एच 1बी वीजा मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने का आग्रह किया।

भारतीय अधिकारी के अनुसार बैठक में भारतीय पक्ष ने कहा कि यह दोनों देशों के आपसी रिश्तों के लिये अच्छा होगा कि मामले को जल्द सुलझा लिया जाये। बहरहाल, इस मामले को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉन किर्क की अगले सप्ताह वाशिंगटन में होने वाली बैठक पर छोड़ दिया गया। अधिकारी के अनुसार, विदेश सचिव की बैठकों के दौर से यह आभास मिलता है कि ओबामा प्रशासन भारत अमेरिका संबंधों को रणनीतिक भागीदारी की नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है और अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रस्तावित भारत यात्रा को इसके लिये काफी महत्व दिया जा रहा है।

भारतीय पक्ष हाल में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मसले पर दिये गये वक्तव्य को भी अमेरिकी अधिकारियों के संज्ञान में लाया। भारतीय पक्ष का कहना था कि यह भारत का आंतरिक मामला है। इसके अलावा कश्मीर में लगातार हो रही घुसपैठ, सीमापार आतंकवाद और मुंबई हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को दंडित करने में की जा रही कष्टदायक देरी जैसे अहम मसलों को भी बातचीत में उठाया गया।

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  • Web Title:वीजा फीस मामले पर भारत-अमेरिका के बीच चर्चा