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डॉ. पातर को मिला सरस्वती सम्मान

डॉ. पातर को मिला सरस्वती सम्मान

के.के. बिरला फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को डा. सुरजीत पातर को उनकी पंजाबी काव्यकृति ‘लफ्जां दी दरगाह’ के लिए वर्ष 2009 के सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया। सम्मान स्वरूप उन्हें प्रशस्ति व प्रतीक चिन्ह के साथ साढ़े सात लाख रुपये की राशि दी गई।

राष्ट्रीय संग्रहालय के सभागार में 19वें सरस्वती समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सम्मान देकर मैं खुद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ऐसी संस्कृति जो लेखक व कवि का सम्मान नहीं करती, वह प्रगतिशील नहीं कही जा सकती। कविता लिखना खुद को ढूंढने की यात्रा जैसा है।

के.के.बिरला फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती शोभना भरतिया ने स्वागत भाषण में कहा कि केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल सिर्फ कला व साहित्य के कद्रदान नहीं बल्कि एक लेखक व और कवि भी हैं और हमें खुशी है कि एक और महान भारतीय कवि आज आप जैसे उत्कृष्ट कवि-राजनीतिज्ञ से पुरस्कार ग्रहण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का मुख्य ध्येय है शिक्षा, विज्ञान, कला, साहित्य और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले सामाजिक और कल्याण कार्यो को प्रोत्साहित करना तथा उनमें सक्रिय योगदान करना। इसकी बुनियाद मेरे पिता डा. कृष्ण कुमार बिरला ने रखी थी। उनका मानना था कि अगर आर्थिक विकास राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक है तो राष्ट्र की आत्मा को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए भारत के साहित्य और चिंतन को समृद्ध विरासत को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है।

श्रीमती भरतिया ने कहा कि आज यह फाउंडेशन विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और उन्हें सम्मानित करने के ध्येय से काम कर रहा है। फाउंडेशन नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में गंभीरता से काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि सरस्वती सम्मान फाउंडेशन का सालाना पुरस्कार है जो भारतीय भाषाओं में पिछले दस सालों के दौरान प्रकाशित उत्कृष्ट रचना के लिए दिया जाता है। इस साल इस पुरस्कार की राशि पांच लाख रुपये से बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये कर दी गई है।

डा. पातर की कृति लफ्जां दी दरगाह में उनकी कविताओं ने अपरिहार्य विषाद की तहों में दहकते अंगारों को समेट रखा है। डा.पातर ने पुरस्कार के लिए आभार व्यक्त किया। फाउंडेशन के ट्रस्टी प्रियव्रत भरतिया ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। फाउंडेशन के निदेशक निर्मलकांति भट्टाचार्जी व चयन समिति के सदस्य एस.एस.नूर ने भी सम्मान चयन के बारे में जानकारी दी। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्जवलन व सरस्वती वंदना से हुई।

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