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लॉन बॉल्स में चुनौती के लिए तैयार भारतीय टीम

लॉन बॉल्स में चुनौती के लिए तैयार भारतीय टीम

लॉन बॉल्स, इस खेल से बहुत कम ही लोग परिचित होंगे। खासकर भारत में। भारत में इस खेल की शुरुआत 2006 में गुवाहाटी नेशनल चौंपियनशिप से हुई थी। यह खेल कॉमनवेल्थ खेलों में 1938 से शामिल है। तब से लेकर आज तक इस खेल में अभी तक 243 पदक दिए जा चुके हैं। जिसमें 74 स्वर्ण, 74 रजत और 95 कांस्य शामिल हैं। केवल 1966 कॉमनवेल्थ गेम में इस खेल को शामिल नहीं किया गया था।

तीन अक्टूबर से दिल्ली में हो रहे कॉमनवेल्थ खेलों में भारत पहली बार हिस्सा लेने जा रहा है। इस बार 25 देशों के 250 खिलाड़ियों की हिस्सा लेने की उम्मीद है। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम परिसर में बनाए गए लॉन बॉल्स स्टेडियम में 4 अक्टूबर से खेले जाने वाले इस खेल में कुल 18 पदक (6 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य) दांव पर हैं। इसमें सिंगल, पेयर्स और ट्रिपल तीन स्पर्धाएं होंगी।

पहले यह घास के मैदान पर खेला जाता था, लेकिन विश्व लॉन बॉल्स ने फैसला किया है कि इस खेल को अब सिंथेटिक टर्फपर कराया जाए। राष्ट्रमंडल खेलों के मुख्य स्टेडियम के परिसर में 40 मीटर लंबे और इतने ही चौड़े चार सिंथेटिक टर्फ बनाए गए हैं जिसमें से तीन पर स्पर्धा होगी और एक टर्फ अभ्यास के लिए होगा। भारतीय महिला और पुरुष टीमें यहां अभ्यास कर रही हैं।

2006 में मेलबर्न में हुए कॉमनवेल्थ गेम में लॉन बॉल्स में कुल 18 पदकों (6 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य) में से ऑस्ट्रेलिया ने पांच पदक (3 स्वर्ण, एक रजत, एक कांस्य) कब्जा कर इस खेल में अपनी श्रेष्ठता साबित की। जबकि मलयेशिया दो स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर रहा। स्कॉटलैंड एक स्वर्ण और एक रजत के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

जहां तक दिल्ली में भारतीय टीम के प्रदर्शन का सवाल है तो इस टीम की राह इतनी आसान नहीं है। भारत को पदक पाने के लिए विश्व की शीर्ष टीमों से मुकाबला करना होगा। इस बारे में भारतीय टीम की सदस्य झारखंड की फरजाना खान कहती हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों में दुनिया की तीन शीर्ष टीमें न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और मलयेशिया भारत की राह मुश्किल कर सकती हैं।

कॉमनवेल्थ में पदक जीतने की उम्मीद को लेकर भारतीय लॉन बॉल्स के कोच रिचर्ड गेल ने कहा कि महिला और पुरुष पेयर्स तथा महिला ट्रिपल में पदक जीतने की प्रबल संभावना है। गोल्ड जीतना और न जीतना भाग्य पर निर्भर करता है। कोच ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम को बहुत ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अनुभव नहीं है, लेकिन उसे एक मजबूत टीम कहा जा सकता है। रिचर्ड गेल भारतीय टीम के सुनील बहादुर, तान्या चौधरी और फरजाना खान से पदक की उम्मीद कर रहे हैं।

हाल के समय में भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा। मलयेशिया में हुई एशिया-पेसिफिक चौंपियनशिप में ट्रिपल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। जबकि पिछले साल वर्ष दिसंबर में चीन में हुए एशियन बोर्ड चौंपियनशिप पर कब्जा जमाया था। अप्रैल में नई दिल्ली में आयोजित आठ देशों के टूर्नामेंट में फरजाना ने एकल स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड की खिलाड़ियों को हराकर क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था।

इस साल कॉमनवेल्थ टेस्ट इंवेट में भारतीय टीम ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया। लॉन बॉल्स टीम की मैनेजर डा. अंजू लूथरा का कहना है कि कॉमनवेल्थ खेल में हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि हमारी टीम को मेजबान होने का भी लाभ मिलेगा और घरेलू दर्शकों के सामने हमारी टीम के हौसलें बुलंद रहेंगे।

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