DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्मार्टफोन संभालिए बच्चों की तरह

बेहद डेलिकेट स्मार्टफोन्स अक्सर लापरवाही से इस्तेमाल का शिकार बनते हैं। वारंटी पीरियड के अंतर्गत आने वाले स्मार्टफोन भी लगातार सर्विस सेंटर पहुंच रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चावल भी आपके फोन की रक्षा कर सकता है ? आज प्रस्तुत हैं कुछ ऐसे उपाय जिनकी मदद से बिना सर्विस सेंटर की सेवाएं लिए आप अपने स्मार्टफोन को दुरुस्त रख सकते हैं

एक महिला जल्दी में टीवीएस ई-सर्विस टेक के यहां पहुंची क्योंकि उसके एचटीसी टच की टच स्क्रीन ठीक से काम नहीं कर रही थी। बंगलूरु में एचटीसी स्मार्टफोन्स के सर्विस प्रदाता टीवीएस ई-सर्विस के सर्विस इंजीनियर नतेश ने उनके फोन की टच स्क्रीन का मुआयना किया और कहा, ‘कई महीनों से टच स्क्रीन को बेहद बेतरतीबी से इस्तेमाल करने के कारण यह समस्या आई थी।’ मतलब कि उन महिला ने अपनी रूखी, गीली या गंदी उंगलियां टचस्क्रीन पर लगाई थीं, जिस कारण यह समस्या आई।
ब्लैकबेरी निर्माता रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) के प्रवक्ता सचित गायकवाड के अनुसार, ‘स्मार्टफोन्स बच्चों की तरह होते हैं। आपको उन्हें बेहद प्यार और आराम से उन्हें ऑपरेट करना होता है।’ यदि आप यह नहीं समझ पाते कि यह डिवाइस किस तरह काम करता है तो बहुत संभव है आप आधी रात को सर्विस सेंटर एग्जीक्यूटिव्स को उसके चलाने की विधि जानने के लिए फोन करें। अपने फोन को दुरुस्त रखने और सर्विस सेंटर टेबल की सेवाएं कम से कम लेने की तीन विधियां यहां पेश हैं।

बैटरी बूटकैम्प
नतेश कहते हैं, ‘स्मार्टफोन्स से जुड़ी सबसे आम शिकायत बैटरी चुक जाना और सॉफ्टवेयर ओएस (ऑपरेटिंग सिस्टम) हैंग होना होता है। करीब चालीस प्रतिशत स्मार्टफोन वारंटी में होते हैं और हमारे पास गलत इस्तेमाल किए जाने के कारण पहुंचते हैं।’ एक माह में नतेश और उनकी टीम 200 से 300 हैंडसेटों की मरम्मत करते हैं।
हैंड हेल्ड कंप्यूटिंग के विशेषज्ञ कंसल्टिंग टेक्नोलॉजिस्ट अतुल चिटणीस कहते हैं, ‘कई लोग ब्लूटुथ को तब भी चलता छोड़ देते हैं जब वे उसे इस्तेमाल नहीं कर रहे होते। जीपीएस, वाइफाइ और 3जी से संबंधित मामलों में भी ऐसा ही होता है।’ दरअसल, यह इन उपकरणों की ऊर्जा-खाऊ क्षमता है जो एक दिन में बैटरी की अधिकांश ऊर्जा का दोहन कर लेती हैं। इस्तेमालकर्ता को उसे डिसेबल्ड कर देना चाहिए और तभी इस्तेमाल करना चाहिए जब उसकी जरूरत हो, जैसे कि जब फाइल ट्रांसफर करनी हो या नेट इस्तेमाल करते समय। चिटनिस के अनुसार, ‘ध्यान रखें कि आपकी उंगलियों से एंटीना ढंक न जाए। इससे फोन को सिग्नल पकड़ने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है जिससे बैटरी अधिक खर्च होती है।’
ओवरचार्ज करना एक अन्य समस्या है। स्मार्टफोन 1 से 3 घंटे में चार्ज होता है। नतेश कहते हैं, ‘कभी रात भर स्मार्टफोन को चार्ज पर लगाकर न रखें, क्योंकि इससे शर्तिया आपकी बैटरी खराब होगी।’ वह कहते हैं बैटरी खराब होने की एक अन्य वजह है कि उसके पूरी तरह से खाली हो जाने से पहले ही उसे चार्ज पर लगा देना।
जब आप स्मार्टफोन पर इंटरनेट ब्राउजिंग करते हैं तो फ्लैश एनिमेशन और पिक्चरों वाली मल्टीमीडिया वेबसाइट्स देखते समय रफ्तार धीमी पड़ जाती है और डाउनलोड धीमी गति से होता है, ऐसे में भी बैटरी अधिक इस्तेमाल होती है। आपको अपने ब्राउजर विकल्प को केवल टेक्स्ट के लिए ही इस्तेमाल करना चाहिए। बैटरी लीक करने की एक अन्य वजह आपकी ईमेल और सोशल नेटवर्किग एप्लीकेशंस का लगातार अपडेट होना भी होता है। गायकवाड के अनुसार, ‘आप नई ईमेल आते ही उसके बारे में तुरंत जानना चाहते हैं, लेकिन उसके अतिरिक्त, आपके सोशल सर्विस नेटवर्क के लगातार अपडेट होने की इतनी जरूरत नहीं होती।’
ट्विटर, फेसबुक, लिंक्डइन, एमएसएन, जीमेल और जीटॉक जैसी थर्ड पार्टी एप्लीकेशंस भी इंटरनेट से लगातार डाटा प्राप्त करती हैं। इनमें रिफ्रेश टाइमलाइन बीस मिनट से एक घंटा तक होती है। इसके अलावा, मौसम की जानकारी जैसी सूचनाएं भी होती हैं जो तब भी चलती रहती हैं जब आप उनका इस्तेमाल नहीं करते और वह भी आपकी बैटरी की आयु पर असर डालती हैं। ऐसी एप्लीकेशंस को अनइंस्टॉल करें। आप उन्हें बाद में कभी पुन: इंस्टॉल कर सकते हैं। कॉम्प्लेक्स गेम्स, फ्लैश बेस्ड एप्लीकेशंस जो काफी मैमोरी लेकर सीपीयू को थकाती है, बैटरी चुकने का कारण बनती है।

नाजुक सुरक्षा
आपको अपने फोन के लिए एक कवर और एक स्क्रीन प्रोटेक्टर इस्तेमाल करना चाहिए। नतेश के अनुसार, ‘अगर आप अपने टचफोन पर गंदे या गीले हाथ लगाते हैं तो आपके टच को भी न पहचानने जैसी समस्या उठेगी।’ वह टचस्क्रीन के लिए स्टाइलस इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। समय-समय पर सॉफ्ट माइक्रोफाइबर कपड़े से स्क्रीन और आसपास की जगह साफ करते रहें। अगर आपका फोन गीला हो जाए या पानी में गिर जाए तो फौरन बैटरी निकाल लें। गायकवाड बताते हैं, ‘कभी उसे एकदम से शुरू न करें क्योंकि उससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है।’ टिश्यु या किसी साफ कपड़े से धीरे-धीरे नमी को पोंछ दें। गायकवाड कहते हैं, ‘फोन को सुखाने का सबसे आसान तरीका है कि उसे अधपके चावलों के बर्तन में डाल दें। चावल नमी सोखते हैं और इससे फोन में मौजूद नमी भी दूर हो जाएगी।’ इसके सूखने पर उसे किसी सर्विस सेंटर में ले जाएं। सर्विस सेंटर में फोन को सुखाने के विशेष उपकरण होते हैं।
स्मार्टफोन्स में छोटे, जटिल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं जो गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए उसे तेज गर्म स्थान जैसे आपकी कार के डैशबोर्ड के निकट न ले जाएं। चिटनिस कहते हैं, ‘फोन गर्म होने पर भी बैटरी खर्च होती है।’ इसलिए फोन को किसी भी तरह के तेज तापमान से दूर रखें। अगर वह गर्म हो जाए तो आपको फोन बैटरी को बंद कर के कुछ आराम देना होगा।

डाउनलोड
स्मार्टफोन्स मिनी कंप्यूटर्स की तरह होते हैं और वायरस और मालवेयर के प्रति संवेदनशील भी होते हैं। चिटणीस कहते हैं कि दो तरीके से वह वायरस और मालवेयर की चपेट में जल्दी आ जाते हैं, ‘यदि आप ब्लूटुथ को ऑन छोड़ दें और साथ पड़ा फोन पहले से संक्रमित हो तो आपके फोन में भी वायरस आ जाता है। दूसरा, अनजान माध्यमों से कोई एप्लीकेशन लोड करने पर।’ आईफोन्स में केंद्रीकृत एप्लीकेशन रिपोजिटरीज या एप्लीकेशन स्टोर्स होते हैं, जिनमें कुछ विशेष एप्लीकेशंस होती हैं जो कुछ स्तर तक उसकी रक्षा करती हैं।
दूषित सॉफ्टवेयर और वायरस आपके गैजेट में घुसकर सेव फाइलों, एप्लीकेशंस और फोन ऑपरेशन के लिए विशेष प्रोग्रामों को नष्ट कर देते हैं। इसलिए ध्यान दें कि आप केवल भरोसेमंद स्त्रोतों से ही फाइलें और डॉक्यूमेंट खोलें। अपने ब्लूटुथ को सुरक्षित करने के लिए नॉर्टन स्मार्टफोन सिक्योरिटी जैसे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करें। इसके अलावा, लगातार अपने डाटा का बैकअप अपने लैपटॉप में लेते रहें, ताकि आपके ओएस के क्रैश होने पर आपको परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:स्मार्टफोन संभालिए बच्चों की तरह