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राष्ट्रमंडल खेल : कुश्ती में इस बार इतिहास रचने का दावा

राष्ट्रमंडल खेल : कुश्ती में इस बार इतिहास रचने का दावा

राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पहलवानों ने यूं तो हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार के विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब अपने देश में पहली बार हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती से कई पीले तमगे मिलने की उम्मीद है।
    
भारत ने पहली बार 1934 में हेमिल्टन (कनाडा) में हुए दूसरे राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया था। उस समय इन खेलों का नाम ब्रिटिश अम्पायर खेल था। भारत को इन खेलों में केवल एक ही कांस्य पदक मिला और वह भी कुश्ती में जिसे राशिद अनवर (74कि) ने दिलाया था।
    
प्रत्येक चार साल में होने वाले इन खेलों में भारत ने ज्यादातर सभी खेलों में भाग लिया है और ऐसा शायद ही कोई खेल होगा जिसमें भारत ने कुश्ती खेल में पदक नहीं जीता हो। भारत इन खेलों में अब तक 102 स्वर्ण सहित 272 पदक जीत चुका है जिसमें कुश्ती में राष्ट्रमंडल खेलों अब तक कुल मिला कर 23 स्वर्ण और 24 रजत सहित 58 पदक जीते हैं।
  
राष्ट्रमंडल खेलों की प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2002 के मेनचेस्टर खेलों में रहा था जहां उसने 69 पदकों का अम्बार लगा दिया था जिसमें कुश्ती में भारत ने तीन स्वर्ण तीन रजत और छह कांस्य सहित 12 पदक जीते थे।

मॉस्को में आयोजित विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में देश के लिए पहली बार स्वर्ण पदक जीतने वाले सुशील कुमार की अगुवाई में राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम के इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
     
सुशील के कोच और खुद दिल्ली (1982) एशियाड में देश को कुश्ती में एक मात्र पदक दिलाने वाले द्रोणाचार्य पुरस्कत महाबली सतपाल ने हाल ही में दावा किया कि इन खेलों की कुश्ती की 21 स्पर्धाओं में कुल 21 स्वर्ण पदक दांव पर लगे है और भारत इतने ही पदक जीतेगा। उन्होंने कहा कि इनमें कम से कम आठ से दस स्वर्ण की उम्मीद की जा सकती है।
    
महिला वर्ग में अलका तोमर से पदक की उम्मीद की जा रही है। तोमर ने 2006 में विश्व कुश्ती और दोहा एशियाड में कांस्य पदक जीते थे। अर्जुन पुरस्कार विजेता तोमर 2005 और 2009 में राट्रमंडल कुश्ती प्रतियोगिता का पदक जीत चुकी है।

सुशील के बाद पुरूष वर्ग के 60 वजन वर्ग में योगेश्वर दत भी स्वर्ण पदक जीतने दावेदारों में हैं। योगेश्वर दत ने एशियाड में स्वर्ण पदक जीता था और उसको अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। भारत के सात महिलाओं सहित 21 पहलवान राष्ट्रमंडल खेलों की तीनों वर्गों की कुश्ती स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे।
   
भारतीय कुश्ती में पहली बार डोपिंग का जो दाग लगा है जिसे धोने के लिए सबसे अच्छा मौका राष्ट्रमंडल खेल होंगे जहां भारतीय पहलवान अपना बेहतरीन प्रदर्शन करके डोपिंक बदनामी को कम कर सकते है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) ने हाल ही में एक महिला सहित छह पहलवानों को डोपिंग का दोषी पाया है। जिसमें चार पहलवान ऐसे थे जिन्हे राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चुना गया है।

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