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27 फरवरी, 2020|1:21|IST

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आर्थिक मंदी से उबरने के लिए रोजगार सृजन जरूरी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी से पार पाने के लिये बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन जरूरी है। संगठन का एक दीर्घकालिक अनुमान है कि दुनिया में वर्ष 2020 तक 44 करोड़ नये रोजगार की जरूरत होगी।
  
अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष के महानिदेशक डोमनिक स्ट्रास कान ने यहां एक सम्मेलन में कहा कि मंदी के और गहराने की संभावना नहीं है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि जबतक बेरोजगारी की दर में उल्लेखनीय कमी नहीं होती, संकट समाप्त नहीं होगा।
   
उन्होंने कहा कि आर्थिक वद्धि बेहद अहम है़ लेकिन केवल वृद्धि पर्याप्त नहीं है। अगर आपको नौकरी गंवानी पड़ती है, आपको स्वास्थ्य समेत कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आपका सार्वजनिक संस्थानों और लोकतंत्र में विश्वास घटता है।
  
आईएमएफ के साथ मिलकर सम्मेलन का आयोजन करने वाला अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने अनुमान जताया है कि 2007 के बाद से दुनिया भर में नौकरी खोने वालों की संख्या में 3.4 करोड़ की वृद्धि हुई है।
   
आईएलओ ने कहा कि आज 21 करोड़ लोगों के पास नौकरी नहीं है और नये कामकाजी आबादी को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये 44 करोड़ नये रोजगार की जरूरत है।
  
आईएलओ के प्रमुख जुआन सोमाविया ने कहा कि आर्थिक नीतियों के केंद्र में रोजगार सृजन को रखने के अलावा कोई उपाय नहीं है। हम वैसी नीतियों पर भरोसा नहीं कर सकते जिसने दुनिया को संकट में धकेला।
  
सम्मेलन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं ने बेरोजगारी से निपटने के लिये आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण माना।
सम्मेलन में स्पेन के प्रधानमंत्री जोस लुईस रोड्रिगुएज, यूनान के प्रधानमंत्री जाज पापानद्रियो समेत विश्व के कई नेताओं ने भाग लिया।

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