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कॉरसपोंडेंस से एलएलबी करने पर कोर्ट में प्रैक्टिस नहीं कर सकते

मैं एक कॉलेज में लेक्चरर हूं। मेरी शैक्षणिक योग्यता एमए और बीएड है। मैं कॉरसपोंडेंस के माध्यम से एलएलबी करना चाहता हूं। कृपया इसके लिए मेरी सहायता करें।
देशराज सिंह, जसवंत नगर, इटावा

लॉ डिग्री कोर्स कॉरसपोंडेंस के माध्यम से उपलब्ध नहीं है। यद्यपि कुछ ऐसे विश्वविद्यालय हैं, जहां दो वर्षीय लॉ कोर्स करवाया जाता है, जिससे कानून की जानकारी प्राप्त की जा सकती है, पर किसी कोर्ट में इसके आधार पर प्रैक्टिस नहीं की जा सकती। ऐसे विश्वविद्यालयों में अन्नामलाई विश्वविद्यालय, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शामिल हैं। एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस करने के लिए आपको एलएलबी या लॉ में बैचलर डिग्री कोर्स करना होगा। अगर आप प्रैक्टिस नहीं करना चाहते, पर इस क्षेत्र के संबंध में अपनी जानकारी बढ़ाना चाहते हैं तो कॉरसपोंडेंस से लॉ कोर्स करना फायदेमंद हो सकता है। इसे करने के बाद आप गैर लाभ के संस्थानों या गैर सरकारी संस्थानों, एडवाइजरी संगठनों, कम्युनिटी लीगल क्लिनिकों या सरकार में पॉलिसी क्षेत्र में काम कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त आप लॉ लाइब्रेरियन या निम्न क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं जैसे ह्यूमन राइट्स, इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और कंज्यूमर राइट्स या ऐसे ही अनेक क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। इनके लिए विशेषज्ञतापूर्ण कोर्स करवाए जाते हैं। नेशनल लॉ स्कूल, बैंगलोर तीन विषयों- बिजनेस लॉ, मेडिकल लॉ और एथिक्स एंड एनवायरमेंट लॉ में पीजी कोर्स ऑफर करते हैं। इनके लिए किसी भी संकाय से ग्रेजुएट होना जरूरी है।

मैंने आगरा विश्वविद्यालय से 50 प्रतिशत अंकों के साथ बीए किया है। मेरे विषय हिन्दी, इंग्लिश, पोलिटिकल साइंस और सोशियोलॉजी थे। मैं सोशल वर्कर बनना चाहता हूं। क्या आप मुझे इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे?
मनीष बाबू, फिरोजाबाद

लोगों के जीवन को बेहतर बनाना, उनकी सहायता करना, उनकी समस्याओं को हल करना, जिसमें उनकी व्यक्तिगत समस्याएं, बीमारी और बेरोजगारी शामिल है, ऐसे तमाम कार्य सोशल वर्क में आते हैं। यह एक रोमांचक, त्याग से परिपूर्ण और प्रसिद्धि देने वाला काम है, जिसमें सामाजिक बदलाव के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्धता की जरूरत होती है। यह उन लोगों का उद्यम है, जो ऐसे जरूरतमंदों की सहायता करके उनके जीवन में सुधार लाने के लिए समर्पित होना चाहते हैं, जिनके पास घर नहीं है, गरीब हैं, हिंसा के शिकार हैं या जो कैंसर, एड्स आदि बीमारियों से ग्रस्त हैं। वे लोगों की सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक समस्याओं को काउंसलिंग, कॉन्फ्रेंसों का आयोजन कर, साधनों को उपलब्ध करा कर, लोगों में जागरूकता बढ़ा कर और सामाजिक कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से हल करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का क्षेत्र काफी विस्तृत है, जिसके दायरे में विभिन्न सरकारी विकास कार्यक्रम भी शामिल हैं, जिन्हें वह एनजीओ में काम करते हुए अंजाम देता है।

मास्टर्स इन सोशल वर्क सामान्यत: दो वर्ष का प्रोग्राम है। इसमें प्रवेश की योग्यता विभिन्न संस्थानों में अलग-अलग है।  इसमें प्रवेश के लिए उम्मीदवार को सोशल वर्क में बैचलर डिग्री प्राप्त होनी चाहिए या वह किसी अन्य संकाय में बैचलर डिग्री धारी होना चाहिए। चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होता है। इसमें उम्मीदवार की इंग्लिश की वर्किग नॉलिज और सामाजिक मुद्दों पर उसके सामान्य ज्ञान की जांच की जाती है। चयन स्नातक स्तर पर प्राप्त अंकों, लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और पेनल साक्षात्कार के आधार पर होता है।

कुछ सम्मानित संस्थान इस प्रकार हैं :

दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क
टाटा इंस्टीटय़ूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
एमएस विश्वविद्यालय, बड़ौदा
निर्मल निकेतन, मुंबई
कलकत्ता विश्वविद्यालय

मैंने ग्रेजुएशन की है और एमसीए करना चाहता हूं। कृपया इसके बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं।
रमेश, उत्तर प्रदेश

आईटी क्षेत्र के बढ़ते विकास के मद्देनजर एमसीए इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक बेहतरीन जरिया बना हुआ है। सैकड़ों संस्थान एमसीए कोर्स करवा रहे हैं। आईआईटी तथा कई अग्रणी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में मास्टर्स ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशंस (एमसीए) प्रोग्राम में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा ऑल इंडिया एमसीए कॉमन एंट्रेस टेस्ट (एआईएमसीईटी) शामिल है। इसमें शामिल होने वाले इंस्टीटय़ूट्स की सूची एआईएमसीईटी की वेबसाइट www.iitr.ac.in/aimcet पर उपलब्ध है। एमसीए प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एनआईटी द्वारा संचालित नेशनल लेवल एंट्रेस टैस्ट है नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ टेक्नोलॉजी एमसीए कॉमन एंट्रेस टैस्ट।  एमसीए प्रवेश परीक्षा के लिए अधिक जानकारी के लिए आप किसी एजुकेशनल वेबसाइट को देख सकते हैं।

एमसीए प्रवेश परीक्षा का उद्देश्य आपकी मैथेमेटिकल और एनालिटिकल रीजनिंग की जांच करना होता है। साथ ही कई सेंटर हैं, जो एमसीए के लिए आपको तैयारी करने में मदद देते हैं। इसके अतिरिक्त गाइड बुक्स में आपको तैयारी के लिए सैम्पल पेपर मिल सकते हैं। आप तीन वर्ष की एमसीए कर सकते हैं या एनआईआईटी और एपटेक जैसे अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर्स में उपलब्ध ओरेकल या माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों द्वारा कराए जाने वाले किसी भी प्रोग्राम या सर्टिफिकेशन प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं।

इग्नू द्वारा भी एमसीए कराई जाती है, जिसे एम्प्लॉयर बिरादरी की खासी मान्यता प्राप्त है। फिर भी हमेशा फुल टाइम एमसीए को वरीयता दी जानी चाहिए। वैकल्पिक रूप से आप डीओईएसीसी, डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एक्रीडिटेशन ऑफ कंप्यूटर कोर्सेज स्कीम को भी ट्राई कर सकते हैं। इसमें विभिन्न लेवल्स का कोर्स कराया जाता है। ये कोर्स चार लैवल्स में उपलब्ध हैं तथा बी लेवल कोर्स को एमसीए के समान माना जाता है। ज्यादातर कंप्यूटर संस्थान डीओईएसीसी कोर्स कराते हैं। इस कोर्स के बाद आप सिस्टम एनालिस्ट या सॉफ्टवेयर इंजीनियर या ईडीपी मैनेजर के रूप में करियर शुरू कर सकते हैं या ट्रेनर के रूप में क्वालिफाई कर सकते हैं।

अगर अपनी शिक्षा और करियर को लेकर आपके जेहन में भी कोई सवाल है तो लिख भेजें-सलाह, नई दिशाएं, हिन्दुस्तान, 18-20 कस्तूरबा गांधी मार्ग, नयी दिल्ली-110001 या मेल करें- naidishayen@hindustantimes.com

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