DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बरेली की बाला का जादू

बरेली की बाला का जादू

प्रियंका चोपड़ा ने जमशेदपुर से लेकर बरेली, लखनऊ और न्यूयॉर्क तक का सफर अपनी पढ़ाई के दौरान ही तय कर लिया था। बॉलीवुड में बुलंदियां छूने के बावजूद उनमें एक देसी लड़की की मासूमियत भी दिखाई पड़ती है, जो उन्हें सबसे अलग बनाती है।

उसके पास स्टाइल है..उसके पास एटीट्यूड है..वह खूबसूरत है..ग्लैमरस है..इंटेलिजेंट है..प्रयोगधर्मिता उसे भाती है..उसे एक अच्छी अभिनेत्री के रूप में देखा जाता है..देखते ही देखते वह बॉलीवुड में बुलंदियों तक पहुंच गयी है..इतना सब कुछ होने के बाद भी उसमें एक देसीपन दिखाई पड़ता है, जो उसके ग्लैमरस व्यक्तित्व को और निखारता है। शायद यही वजह है कि वह बॉलीवुड से लेकर बरेली तक युवा दिलों की धड़कन कही जाती हैं। प्रियंका चोपड़ा, यही नाम है इस खूबसूरत बाला का।
‘फैशन’ फिल्म के एक दृश्य में प्रियंका चंडीगढ़ से मुंबई पहुंचती है। एक एड एजेंसी में इंटरव्यू के दौरान वह कहती है, मुझे मॉडल नहीं टॉप मॉडल बनना है। जब प्रियंका यह डायलॉग बोलती हैं तो उनकी आंखों में मानो छोटे शहरों की युवा लड़कियों के वे तमाम सपने दिखाई पड़ते हैं, जिन्हें लेकर वे मुंबई आती हैं। फिल्म में भी और रियल लाइफ में भी प्रियंका शायद इस बात को जानती थीं कि उनके असफल हो जाने का अर्थ होगा, बहुत सी युवा लड़कियों के सपनों की असमय हत्या कर देना। और प्रियंका ने ऐसा नहीं होने दिया। वे न केवल टॉप मॉडल बनीं, बल्कि आज उनकी गिनती बॉलीवुड की टॉप हीरोइनों में होती है। सभी बड़े स्टार उनके साथ फिल्में करना चाहते हैं। सभी बड़े निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म की हीरोइन बनाना चाहते हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के राज्य झारखंड के जमशेदपुर में प्रियंका का जन्म 18 जुलाई 1982 को हुआ। उनके माता-पिता मधु और अशोक चोपड़ा दोनों ही फिजिशियन हैं। प्रियंका का बचपन बरेली में बीता। प्रियंका ने कुछ पढ़ाई लखनऊ में की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका में भी पढ़ाई की। फिर भी उन्होंने अभिनेत्री बनने का सपना कभी नहीं देखा था। संयोग से पहले प्रियंका मॉडलिंग की दुनिया में आईं। 2000 में वह फेमिना मिस इंडिया चुनी गयीं और उसके बाद मिस वर्ल्ड का खिताब जीत कर प्रियंका ने साबित कर दिया कि उन्हें बहुत दूर तक जाना है। यह भी संयोग नहीं था कि सन 2009 में जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में हुई मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में प्रियंका बतौर जज शामिल हुईं।

मिस वर्ल्ड बनने के बाद प्रियंका को बॉलीवुड का सफर तय करने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। पहले उन्होंने एक तमिल फिल्म ‘तमीजन’ में अभिनय किया और उसके बाद ‘दि हीरो : लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ से उनकी हिंदी फिल्मों में एंट्री हो गयी। इस फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा भी थे। यह 2003 की बात है। इसके बाद उनके खाते में एक के बाद एक सफल फिल्में आती चली गयीं-ऐतराज, वक्त : दि रेस अगेंस्ट टाइम, कृष, डॉन : दि चेस बिगिन अगेन, ओम शांति ओम, फैशन, दोस्ताना, कमीने। सफलता की सीढ़ियां तेजी से चढ़ने के बावजूद प्रियंका का अलग किस्म की फिल्मों के प्रति क्रेज कम नहीं हुआ। इसी दौरान उन्होंने लव स्टोरी 2050, द्रोण, व्हाट इज योर राशि जैसी फिल्मों में भी काम किया, जो बेशक फ्लॉप हो गयीं, लेकिन उनके अभिनय की हर जगह तारीफ हुई। फिलवक्त भी वह रेस 2, सात खून माफ, रॉक ऑन 2 जैसी फिल्मों में बिजी हैं।

प्रियंका की छवि बेहद ग्लैमरस होने के बावजूद उनकी सोच का कैनवस बेहद विस्तार लिए हुए है। इसलिए जब उनके पास ‘खतरों के खिलाड़ी 3’ का प्रस्ताव आया तो उन्होंने उसे तुरंत स्वीकार कर लिया। और आज वह इस शो के जरिये अक्षय कुमार को टक्कर देती नजर आ रही हैं। यह अकारण नहीं है कि जब फिल्मकार इंदिरा गांधी पर फिल्म बनाने की सोचते हैं तो जो पहला नाम जेहन में आता है, वह प्रियंका का ही होता है। जब माधुरी दीक्षित की मुस्कान को लोग रिप्लेस करने की बात करते हैं तो भी नाम प्रियंका का ही आता है। और जाहिर है इस सबके पीछे प्रियंका के पास जमशेदपुर, बरेली, लखनऊ और न्यूयॉर्क
की तहजीब और संस्कृति का होना है और यही चीज प्रियंका को सबसे अलग बनाती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बरेली की बाला का जादू