DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आधुनिक मोगली, दो माह तक रहा बंदरों के बीच

आधुनिक मोगली, दो माह तक रहा बंदरों के बीच

जंगल-जंगल बात चली है, पता चला है, चड्ढी़ पहनकर फूल खिला है-फूल खिला है, गीत सुनकर जंगल में जानवरों के साथ रहने वाले मोगली की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है। लेकिन एक ऐसा ही वाकया मध्यप्रदेश के दमोह जिले के रानी दुर्गावती अभयारण्य सिंग्रामपुर के जंगल में देखने को मिला।

इसमें सिर्फ फर्क इतना है कि आधुनिक मोगली बचपन से नहीं बल्कि दो माह पूर्व जंगल में गुम हो गया था। जंगल में वह बंदरों के साथ रहने लगा था और उन्हीं के समान पेड़ों के फल पत्ते खाकर अपना जीवन यापन कर रहा था, लेकिन सोमवार को जैसे ही उसके जंगलों में होने की खबर पुलिस और परिजनों को लगी तो खोजबीन कर उसे गांव वापस लाकर इलाज के लिए दमोह के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

दमोह जिले के तेजगढ़ थानांतर्गत ग्राम देवरी निवासी हरिराम लोधी का 28 वर्षीय पुत्र मोहन सिंह जो कि मानसिक रूप से कमजोर था, लगभग 2-3 माह पूर्व घर से लापता हो गया था। परिजनों को इस बात की जानकारी मिली थी कि मोहन जंगल की तरफ गया है। जिसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश की लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा जिस पर परिजनों ने तेजगढ़ पुलिस थाने में उसके गुम होने की सूचना दर्ज कराई थी।

मोहन सिंह के परिजन उसे लगातार तलाश करते रहे। अचानक सोमवार को जब मोहन का पिता हरिराम लोधी जंगल में गया तो उसे मोहन बंदरों के झुंड के साथ घूमता हुआ दिखाई दिया। जब उसके पिता ने मोहन को पकड़ने की कोशिश की तो बंदरों ने उसे खदेड़ दिया। इसके बाद हरिराम लोधी गांव वापस आ गया और ग्रामवासियों व परिजनों को जानकारी दी।

ग्रामीण लाठियां आदि लेकर जब पुन: जंगल में गए तो मोहन कुछ ही दूरी पर बंदरों के साथ मिल गया। ग्रामीणों ने लाठियों की सहायता से बंदरों को भगाते हुए मोहन को पकड़ लिया।

गांव वापस लाने पर मोहन बंदरों के समान ही हरकत करने लगा था और पेड़ों से पत्तियां तोड़कर खाने लगा, जिस पर तत्काल ही उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जिला चिकित्सालय में मोहन का इलाज तो चल रहा है लेकिन वह न तो बोल रहा है और न ही कुछ खा रहा है।

इस संबंध में सिविल सर्जन ड़ॉ आरके श्रीवास्तव का कहना है कि चूंकि मरीज मानसिक रूप से कमजोर है इस कारण वह जानवरों के साथ रहकर उन्हीं के जैसी हरकतें करने लगा है। मरीज का इलाज जारी है और वह जल्द ही ठीक हो जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आधुनिक मोगली, दो माह तक रहा बंदरों के बीच