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भाखड़ा बांध में झुकाव पर चिंता की बात नहीं : बीबीएमबी

भाखड़ा बांध में हल्के झुकाव के कारण खतरे की आशंका को खारिज करते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने कहा है कि इस वजह से चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बीबीएमबी के सदस्य (सिंचाई) एमके गुप्ता ने कहा कि भाखड़ा बांध का पानी अपने अधिकतम जलस्तर 1,680 फुट को पार कर गया है और जलस्तर को समान्य बनाए रखने के लिए हम पानी छोड़ रहे हैं।

गुप्ता ने बताया कि भाखड़ा बांध में 1.05 इंच का मामूली झुकाव पाया गया है कि लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि यह पूरी तरह से झुक गया है। यह झुकाव दायरे के भीतर ही है और चिंता करने की बात नहीं है, लेकिन हम इसे और बढ़ने नहीं दे सकते। गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बांध में पानी की आवक कम हुई है और स्थिति नियंत्रण में है। शनिवार शाम को भाखड़ा का जलस्तर 1680.17 फुट के करीब था।

इससे पहले वर्ष 1988 में भाखड़ा बांध में झुकाव पैदा हो गया था जिसकी वजह उसके सारे दरवाजे खोलने पड़े थे। इस वजह से पंजाब के बहुत बड़े भाग में तबाही मची थी। बाद में खालिस्तानी आतंकवादियों ने बीबीएमबी के अध्यक्ष मेजर जनरल बीएन कुमार की हत्या कर दी थी। वर्ष 1988 की घटना को याद करते हुए गुप्ता ने बताया, ''वर्ष 1988 में भी बांध में झुकाव पैदा हुआ था और वह लगभग इतना ही था जो वर्तमान समय में है, लेकिन उस समय पानी का स्तर 1687 फुट था जिसकी वजह से पानी के सारे द्वार खोलने पड़े थे।''

गुप्ता ने बताया कि इससे अधिक झुकाव होने से परेशानियां बढ़ सकती हैं। दो इंच के झुकाव से बांध टूट सकता है। आधुनिकतम तकनीक के सहारे इंजीनियर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के यमुनानगर और सोनीपत जिलों के 125 से अधिक गांवों में आठ सितम्बर को बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था जिसके बाद से ही प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। हरियाणा सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान और अधिक क्षेत्रों में बाढ़ की सूचना नहीं है। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

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