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डोपिंग के दाग को धोने की कोशिश करेंगे भारोत्तोलक

डोपिंग के दाग को धोने की कोशिश करेंगे भारोत्तोलक

डोपिंग के दाग को धोने की कोशिशों में जुटे भारतीय भारोत्तोलकों से तीन से 14 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में काफी पदकों की उम्मीद लगाई जा रही है जिनमें के रवि कुमार शीर्ष पर हैं और इस युवा भारोत्तोलक ने देश को 15 डोपिंग मुक्त पदक दिलाने का वादा किया है।
    
भारोत्तोलकों ने जहां अभी तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश को पदकों से सराबोर किया है तो वहीं डोपिंग के डंक से शर्मसार भी किया है। लेकिन रवि कुमार ने खुद को साफ रखते हुए अभी तक अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाया है, जिसके कारण विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी उनकी कई बार जांच कर चुकी है।
    
भारत ने अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों में 93 पदक अपनी झोली में डाले हैं जिसमें 33 स्वर्ण, 39 रजत और 21 रजत पदक शामिल हैं। पिछले 2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य शामिल है। देश का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 1990 में रहा था, जिसमें भारोत्तोलकों ने 12 स्वर्ण, सात रजत और पांच कांस्य पदक जीते थे और 2002 में देश को 11 स्वर्ण, नौ रजत और सात रजत पदक मिले थे।
    
महिला भारोत्तोलक एल मोनिका देवी (75 किग्रा) को 2008 ओलंपिक से पहले प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पाजीटिव पाए जाने के बाद अंतिम समय में बीजिंग जाने रोक दिया गया था और उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा था।

अब मोनिका ने वापसी की है और उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों की टीम में भी चुना गया है। वह बीजिंग जाने से पहले लगे इस कलंक को धोने लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को तैयार हैं। लेकिन सबसे ज्यादा उम्मीदें 22 वर्षीय रवि कुमार से हैं, जो पहले ही ट्रेनिंग में राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड (310 किग्रा) से ज्यादा 321 किग्रा का वज़न उठा चुके हैं। उन्हें भी पूरा भरोसा है कि वह देश को स्वर्ण पदक दिलाकर देश को गौरवान्वित करने की कोशिश करेंगे।
    
रवि कुमार (69 किग्रा) ने कहा कि मेरा फॉर्म और फिटनेस को देखते हुए मेरा स्वर्ण पदक सुनिश्चित है। लेकिन सभी की तैयारियों को देखते हुए हम कम से 15 पदक तो ज़रूर जीतेंगे। सेना के रवि कुमार ने डोपिंग के बारे में कहा कि मैं सबको यकीन दिलाना चाहता हूं कि इस बार भारोत्तोलन में डोपिंग में कोई भी पाज़ीटिव नहीं पाया जाएगा। भारोत्तोलन स्पर्धा डोपिंग मुक्त और साफसुथरी होगी।
     
छह भारतीय भारोत्तोलकों के डोपिंग में फंसने के कारण अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासं ने भारतीय भारोत्तोलन महासं पर 500,000 डॉलर का जुर्माना लगाया था और राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में भाग लेने से पहले उसे इसका भुगतान करना ज़रूरी था, जिसमें से उन्होंने 125,000 डॉलर चुका दिए थे। अब राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति ने उन्हें बची राशि देकर इस समस्या से बाहर कर दिया है।

मुख्य कोच हरनाम सिंह ने भी रवि कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत फिट है, वह खुद को चोटिल किए बिना और शारीर में बिना किसी खिंचाव के काफी वज़न उठा सकता है क्योंकि उसकी ट्रेनिंग का स्तर काफी बढ़िया है।
     
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ को जुर्माने की राशि देकर देश को दुविधा से बाहर निकालने के बावजूद राष्ट्रीय कोर ग्रुप की सदस्य 31 वर्षीय सानामाचा चानू राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के डोप टेस्ट में पाज़ीटिव पायी गई। अब देशवासी उम्मीद लगाए हैं कि टीम का कोई सदस्य डोपिंग टेस्ट में विफल नहीं हो।
    
पुरूषों में रवि कुमार के अलावा सुखेन डे (56 किग्रा), वी एस राव (56 किग्रा), रूस्तम सारंग (62 किग्रा), ओमकार ओटारी (62 किग्रा), सीपीआर सुधीर कुमार (77 किग्रा), चंद्रकांत माली (85 किग्रा), सरबजीत (प्लस 105 किग्रा) जबकि महिलाओं में सोनिया चानू (48 किग्रा), एस संध्या रानी (48 किग्रा), स्वाती सिंह (53 किग्रा), रेणुबाला चानू (58 किग्रा), सष्टि सिंह (75 किग्रा), गीता रानी (प्लस 75 किग्रा) से उम्मीदें हैं।

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