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निशानेबाजों पर होगा भारत की कामयाबी का दारोमदार

निशानेबाजों पर होगा भारत की कामयाबी का दारोमदार

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की सफलता का दारोमदार काफी हद तक निशानेबाजों पर होगा जिन्होंने मैनचेस्टर और मेलबर्न में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से काफी उम्मीदें जगाई है हालांकि कई शीर्ष खिलाड़ियों का मानना है कि पिछले प्रदर्शन को दोहरा पाना मुश्किल है।

मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेल 2006 में पांच स्वर्ण समेत सात पदक जीतकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे पिस्टल शूटर समरेश जंग ने कहा कि पिस्टल निशानेबाजों से पिछले प्रदर्शन की उम्मीद बेमानी है। हमारे पास बीजिंग ओलंपिक के बाद से कोई कोच नहीं है और कर्णीसिंह रेंज भी समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी है जिससे अपनी सरजमीं पर खेलने का कोई फायदा नहीं मिलेगा।

भारत ने मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में 16 स्वर्ण समेत 27 पदक जीते थे जबकि मैनचेस्टर में 2002 में हुए खेलों में 24 पदक अपने नाम किए। वहीं विश्व चैम्पियनशिप की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में विश्व रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज तेजस्विनी सावंत को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

उसने कहा कि हमारे निशानेबाज मेलबर्न से बेहतर प्रदर्शन करेंगे क्योंकि चार साल में भारतीय निशानेबाजी का स्तर और बेहतर हुआ है। इसके अलावा विश्व चैम्पियनशिप अभी हुई है जिसमें भारतीयों के प्रदर्शन को काफी सराहा गया। खेलों से पहले भारतीय टीम को झटका लगा जब एथेंस ओलंपिक रजत पदक विजेता राज्यवर्धन राठौड़ ने चयन प्रक्रिया में धांधली का हवाला देकर ऐन मौके पर चयन ट्रायल से नाम वापिस ले लिया।

कोच सन्नी थामस ने हालांकि राठौड़ पर परोक्ष प्रहार करते हुए कहा कि मौजूदा चयन नीति के तहत हमारे पास सर्वश्रेष्ठ टीम उपलब्ध है। हमें उम्मीद है कि हम मेलबर्न से बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 1994 में पांच पदक से मेलबर्न में 27 पदक तक भारतीय निशानेबाजों ने काफी प्रगति की है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि निशानेबाजों का प्रदर्शन काफी हद तक मानसिक, शारीरिक स्थिति, माहौल और उस दिन के प्रदर्शन पर निर्भर करता है लिहाजा इसमें कोई कयास नहीं लगाया जा सकता।

उन्होंने कहा कि जर्मनी में विश्व चैम्पियनशिप में कुछ निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके जबकि जिनसे उम्मीद नहीं थी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। म्युनिख में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा दस मीटर एयर राइफल के फाइनल में भी नहीं पहुंच सके। वहीं सावंत ने 50 मीटर राइफन प्रोन में स्वर्ण पदक जीता।

थामस ने कहा कि भारत के पास गगन नारंग और बिंद्रा के रूप में दो विश्व स्तरीय निशानेबाज हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं। नारंग ने एयर राइफल स्पर्धा में 600 में से 600 अंक लेकर विश्व रिकार्ड बनाया था। वह 50 मीटर प्रोन और थ्री पोजिशन में भी भाग लेंगे। रैपिड फायर में भारत के पास विजय कुमार और गुरप्रीत सिंह है। महिला वर्ग में सावंत भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी।

 

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