DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दबंग

दबंग

कहानी :  इंस्पेक्टर चुलबुल पांडे (सलमान खान) खुद को आज का रॉबिनहुड कहता है। पैसे लेकर गुंडों को छोड़ देना, जब्त हुआ माल अंटी कर लेना और अपने हवलदारों को जख्मी कर उन्हें प्रोमोशन-ईनाम दिलवा देना उसकी अदाओं में शुमार है। यही वजह है कि इलाके का एक छुटभय्या नेता छेदी सिंह (सोनू सूद) उससे खार खाता है। रहस्यमय हालात में हुई चुलबुल की मां (डिंपल कपाड़िया) की मौत से उसके सौतेले भाई मक्खन चंद उर्फ मक्खी (अरबाज खान) और पिता प्रजापति पांडे (विनोद खन्ना) के रिश्तों में दरार आ जाती है, जिसका फायदा उठाता है छेदी सिंह। वह मक्खी को अपना दायां हाथ बना लेता है और चुलबुल के खिलाफ खड़ा कर देता है। वह मक्खी को दयाल बाबू (अनुपम खेर) की हत्या में फंसा देता है और उसकी जान लेने की कोशिश करता है, लेकिन ऐन मौके पर चुलबुल पांडे पूरा का पूरा गेम ही बदल देता है।

निर्देशन : अभिनव कश्यप का विजन साफ है। उन्होंने आम जनता के लिए मसखरे संवादों के साथ गुंडों की धुलाई, मुन्नी बदनाम हुई.. जैसा आइटम गीत और सलमान के एक्शन पैक्ड ग्लैमर को फुल टाइम फॉर्मूला अंदाज में पेश किया है। उनके निर्देशन में मसाला फिल्मों का वह ओवरडोज है, जब दर्शक गुस्से के मारे हीरो की फूलती बाजुओं और डबल होती छाती को देख ताली बजाते हैं। उन्होंने ये याद दिलाया है कि ये सब अब आउट डेटेड नहीं हुआ है और जब स्क्रीन पर सल्लू मियां हों तो सब चलता है। ‘वॉन्टेड’ इसका अच्छा उदाहरण है। अभिनव सलमान को ‘वॉन्टेड’ से कहीं आगे ले गये हैं। यही वजह है कि उन्होंने फिल्म का फस्र्ट हाफ केवल चुलबुल की भूमिका समझाने में ही व्यर्थ कर दिया है।
 
अभिनय : सलमान का रौद्र रूप 70-80 के दशक की मसाला फिल्मों की याद दिलाता है। उनका मसखरा अंदाज बांधे रखता है। पतली धारदार मूंछें उन पर फबी हैं। उनका डील-डौल तो ठीक है, लेकिन कई जगह बॉडी लैंग्वेज रोबोट सरीखी लगती है। वह अपनी कमीज का कलफ थोड़ा कम कर सकते थे। सोनाक्षी के रूप में इंडस्ट्री को गांव की गोरी मिल गयी है। वह बेहद सुंदर लगी हैं। उनकी डायलॉग डिलीवरी में बदहवासी नहीं दिखती। सलमान के साथ उनका पेयर जमा है। अरबाज और सोनू सूद की एक्टिंग फिल्म का अहम हिस्सा है। 

गीत-संगीत : मुन्नी बदनाम हुई.. फुल टाइम हिट गीत है, जो बीड़ी जलाइले.. की याद दिलाता है।

टाइटल ट्रैक भी ओंकारा रे.. की झलक देता है। तेरे मस्त मस्त दो नैन.. और चोरी किया रे जिया.. गीत देखने और सुनने दोनों में काफी अच्छे हैं।

क्या है खास : सलमान का एक्शन पैक्ड रोल, उनकी कॉमेडी, संगीत और फिल्मांकन आदि।

क्या है बकवास : एक मसाला फिल्म सरीखी कई खामियां भी हैं, लेकिन जब आप सलमान के स्टारडम के करीब से गुजरेंगे तो शायद उन खामियों को नजरअंदाज कर दें।   

पंचलाइन : ‘दबंग’ केवल सलमान के भरोसे है। इस फिल्म का हाइप इतना ज्यादा है कि खुद को रोकना मुश्किल है। कई खामियों के बावजूद  चुलबुल पांडे में एक आकर्षण है, जो दर्शकों को हंसाता और दहलाता है। सीटी-तालियां बजाने का शौक है तो जरूर देखें।

सितारे : सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा, अरबाज खान, सोनू सूद, विनोद खन्ना, डिंपल कपाड़िया, ओमपुरी, महेश मांजरेकर

निर्माता/बैनर :  अरबाज खान, मलाइका अरोड़ा और ढिल्लिन मेहता/श्री अष्टविनायक सिने.  लि. और अरबाज खान प्रोड.

निर्देशक : अभिनव कश्यप

गीत :  फैज अनवर, ललित पंडित और जलीस शेरवानी

संगीत : साजिद-वाजिद और ललित पंडित

एक्शन : विजयन मास्टर

रितु गुप्ता, गृहिणी, लक्ष्मी नगर:  अच्छी मूवी है। सलमान की एक्टिंग अच्छी लगी। मजा आ गया।

साहिब कोचर, छात्र, विकास मार्ग: स्टंट देख कर मजा आ गया। फिल्म बांधे रखती है। दोबारा जरूर देखूंगा। 

विकास गुप्ता, व्यवसायी, लक्ष्मी नगर: कहानी में दम नहीं है। गीत अच्छे लगे। एक बार देखने के लिए ठीक है।

देवकी, गृहिणी, दरियागंज: सोनाक्षी बहुत ही सुंदर लगी हैं। एक्शन के सीन्स काफी लंबे हैं, जो बोर करते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दबंग