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झारखंड पर गडकरी, आडवाणी में कोई मतभेद नहीं: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को साफ किया कि झारखण्ड के घटनाक्रम को लेकर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी में कोई मतभेद नहीं है। भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए अर्जुन मुंडा के नाम की घोषणा करने से पहले गडकरी ने आडवाणी से सलाह ली थी। जबकि राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि इस मुद्दे पर आडवाणी और गडकरी में मतभेद है।

भाजपा की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब इस तरह की खबरें आई हैं कि मुख्यमंत्री के रूप में मुंडा के चयन तथा झारखण्ड में सरकार बनाने के लिए झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का समर्थन लेने के बारे में अंधेरे में रखे जाने को लेकर आडवाणी खिन्न हैं। पार्टी प्रवक्ता रामनाथ कोविंद ने आडवाणी और गडकरी के बीच तनाव की बात को खारिज करते हुए बताया, ''यह सब मीडिया की करतूत है।'' 

कोविंद ने कहा कि गडकरी ने आडवाणी और पार्टी की संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्यों से झारखण्ड के घटनाक्रम पर और मुंडा की नियुक्ति पर रूस से फोन पर चर्चा की थी। मुख्यमंत्री पद के लिए मुंडा का नाम ही सामने आया और उनके चयन पर आम सहमति है। इस बारे में संसदीय बोर्ड की बैठक नहीं हुई, क्योंकि अध्यक्ष देश के बाहर हैं।

गडकरी, वाटर फ्रीड़ा रिवोल्यूशन (डब्ल्यूएफआर) के निमंत्रण पर छह सितंबर को रूस रवाना हुए थे। वह शुक्रवार को वापस लौटने वाले हैं। कोविंद के अनुसार जब भाजपा ने मई में शिबू सोरेन सरकार से समर्थन वापस लिया था, उस समय मुख्यमंत्री पद के लिए जरूर कई नाम उभरे थे। कोविंद ने कहा, "लेकिन इस बार कुछ राजनीतिक मजबूरी के कारण सभी अर्जुन मुंडा के नाम पर सहमत हैं। हमें विश्वास है कि मुंडा राज्य को अच्छा शासन और स्थायित्व मुहैया कराएंगे।''

बहरहाल, कोविंद भले ही आत्मविश्वास के साथ बोल रहे हों, लेकिन पार्टी में हर कोई इस घटना से खुश नहीं है। पार्टी के एक नेता ने नाम न जाहिर करने की इच्छा के साथ कहा कि न केवल आडवाणीजी, बल्कि अन्य कई नेता भी झारखण्ड के घटनाक्रम से नाखुश हैं। इस मुद्दे पर पार्टी में स्पष्ट मतभेद है।

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  • Web Title:झारखंड पर गडकरी, आडवाणी में कोई मतभेद नहीं: भाजपा