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महँगाई ने कम कर दी शीर की लज्जत

सराय सुल्तानी निवासी आसमाँ इस बार दो लीटर दूध की सेवंई बनाएँगी। वजह है महँगाई। आसमाँ कहती है कि दूध, चीनी और मेवा के दाम बढ़ गए है अब करें तो क्या करें? बाजार में खाने-पीने के चीजें महँगी होने की वजह से दुकानदार भी परेशान है। हिन्दुस्तान ने गुरुवार को दुकानदारों से बाजार का हाल जाना।


ऊपरकोट स्थित मेवा विक्रेता मो. उमर ने बताया कि पिछले साल ईद के मैाके पर मेवा के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। इस वजह से बिक्री कम रह गई है। जो ग्राहक पहले आधा किलों मेवा खरीदता था वह अब 250 ग्राम लेकर जा रहा है। बढ़े हुए दाम सुनकर ग्राहक चौंक जाते हैं और कहते हैं कि थोकमंडी से खरीदेंगे।


सेवंई विक्रेता मो. आदिल की लगभग जिंदगी इसी कारोबार में निकल गई। वह कहते हैं कि अब पहले जैसे त्योहार नहीं रहे। महँगाई ने लोगों के घर का बजट बिगाड़ रखा है। दाम बढ़ने से सेवंई मिलाकर बनने वाली शीर की मिठास भी कम हो गई है। ग्राहक आते हैं, लेकिन सेवंई आधा या एक किलो खरीदकर ले जाते हैं।
ईद के मौके पर अधिकतर लोग नए कपड़ों में कुर्ता-पजामा पहनते हैं। महँगाई की वजह से कपड़ों की बिक्री भी सीमित रह गई है। अब्दुलकरीम चौराहा स्थित कुर्ता विक्रेता मो. आमिर ने बताया कि खाने-पीने की चीजों के महँगे होने की वजह से कपड़ों पर खर्च करने से बच रहे है। लोग अब बच्चाों के कपड़े खरीदकर ही त्योहार मना लेते हैं।
रेलवे रोड स्थित जूता विक्रेता अमित सहयोगी ने बताया कि ईद के मौके पर स्लीपर की बिक्री अधिक होती थी, लेकिन इस बार बाजार हल्का है। महँगाई की वजह से जो ग्राहक आ रहे है वह बच्चाों के जूते-चप्पल ले रहे हैं। यहीं हाल मुस्लिम महिलाओं का है।

मेवा के दाम
  अब  पहले
चिरौंजी  500  350
किशमिश 60 50
मखाने  220 200
गोला  65 55
काजू  400 350
बादाम  350 450
अखरोट  160 320
मींग  320 300

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