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ताकि अगला महाकुंभ सकुशल निपटे

महाकुंभ-2010 के मेलाधिकारी आनंद बर्धन ने पिछले दिनों शासन को सौंपी मेले की प्रशासनिक रिपोर्ट में 147 सुझाव व संस्तुतियां की हैं। उन्होंने कुंभ से तीन साल पहले मेलाधिकारी की तैनाती और अखाड़ों के शाही जुलूस में गृहस्थ लोगों का प्रवेश वजिर्त करने का सुझाव दिया गया। रिपोर्ट में 2021 के महाकुंभ के लिए आवश्यक ऐतिहात बरतने के साथ ही मौजूदा हालात में 1938 के मेला एक्ट को बदलने की जरुरत भी जताई है।


रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि मेले के दौरान चार स्वास्थ्य अधिकारी बदले गए, जो सही नहीं है। स्वाथ्य अधिकारी के स्थान पर नोडल अफसर स्वाथ्य का पद हो। इस पद पर तैनाती पाने वाला अफसर पूर्व में हरिद्वार का सीएमओ व सीएमएस रह चुका हो। यह अफसर सीएमओ हरिद्वार से वरिष्ठ होना चाहिए। सुगम यातायात के लिए महामंडलेश्वर पुल को दो लेन किया जाए। मार्च में होने वाली भीड़ के मद्देनजर अखाड़ों से वार्ता करके उनकी पेशवाई को फरवरी के अंत तक पूरा करना ठीक रहेगा।


 मार्च व अप्रैल के लिए शोभा यात्राओं की अनुमति न दी जाए। आखिरी वक्त में रेलगाड़ियों का प्लेटफार्म बदलना घातक हो सकता है। मध्य रात्रि के बाद कोई भी ट्रेन हरिद्वार आने के बजाय मुजफ्फरनगर, रुड़की, सहारनपुर, लक्सर, बिजनौर रोक ली जाए ताकि सुबह के स्नान पर प्रभाव न पड़े। पदनामों को लेकर भ्रम की स्थिति न रहे, इसके लिए मेलाधिकारी के अलावा सभी पदों को विभाग के साथ नोडल अफसर का नाम दिया जाए।


शासन को अगले महाकुंभ के लिए की गई संस्तुतियां

  मेलाधिकारी समेत बड़े पदों पर तीन वर्ष पहले ही तैनाती की जाए
   डीएम हरिद्वार के पद पर तैनात अफसर को ही मेलाधिकारी बनाया जाए
   जिलास्तरीय अफसर, मेलाधिकारी के नियंत्रण में रहें
  मेले में तैनात सभी अफसरों की एसीआर भी मेलाधिकारी द्वारा लिखी जाए
  मेला एक्ट-1938 को वर्तमान परिपेक्ष्य के अनुरूप बदला जाए
  मेले के लिए पृथक से तहसीलदार, कानूनगो व लेखपाल की तैनाती हो
 स्थाई कार्य तीन व अस्थाई कार्य एक वर्ष पहले शुरू हों
  लक्सर-हरिद्वार रेलवे ट्रैक को डबल किया जाए


  मोतीचूर, रायवाला व ज्वालापुर रेलवे स्टेशन का विस्तारीकरण हो
  ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच हर पंद्रह मिनट में एक शटल ट्रेन होनी चाहिए
  वैष्णव सम्प्रदाय अखाड़ें की तर्ज पर शेष अखाड़ों की छावनी भी नीलधारा में गंगा के बाए किनारे शिफ्ट की जाए
  अखाड़ों के शाही जुलूस में गृहस्थ लोग न घुसे
  हरकी पैड़ी विस्तार के लिए जान्हवी मार्केट को खाली कराया जाए
  भीमगोड़ा से डामकोठी तक गंगनहर के किनारे भवनों को हटाकर घाटों का निर्माण
  मनसा व चंडी देवी क्षेत्र से दुकानें हटाकर फ्री सरकुलेशन एरिया घोषित हो

  भीड़ रोकने के लिए रोडी, बेलवाला, नीलधारा, शोल क्षेत्र व कांगड़ा द्वीप पर बनाए जाने वाले चक्रव्यूहों में ह्दयरोग विशेषज्ञों की नियुक्ति अवश्य हो
  कुंभ स्नान को डायवर्ट करने के लिए नीलधारा क्षेत्र में घाट बनने चाहिए
  न्यायालय की अनुमति लेकर मोतीचूर से मोहंड होकर देहरादून व रोशनाबाद से मोहंड मार्ग का सुधार किया जाए
 

अनुमति के बाद मेला क्षेत्र का विस्तार श्यामपुर-कांगड़ी की तरफ किया जाए
  होटलों व खाद्य वस्तुओं के मूल्यों को लेकर मेला व सराय एक्ट में संशोधन हो
  शाही स्नान पर जुलूस के समय आवाज करने वाले खिलौने पर प्रतिबंध लगे

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