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सुरक्षा एजेन्सियों के कर्मियों को करनी होगी वेरिफिकेशन

पुलिस बिना लाईसेंस लिए काम करने वाली निजी सुरक्षा एजेन्सियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। सुरक्षा कर्मियों की वेरिफिकेशन का प्रमाण पत्र नहीं देने वाली एजेन्सियों को ब्लैकलिस्ट कर उसकी जानकारी गुड़गांव पुलिस की वेबसाईट पर डाली जाएगी।

पुलिस आयुक्त सुरजीत सिंह देशवाल ने निजी कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित एक बैठक में कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए प्राईवेट सिक्यूरिटी एजेन्सी रूल्स के अनुसार प्रत्येक निजी सुरक्षा एजेन्सी को सम्बन्धित विभाग से लाईसेंस लेना अनिवार्य है। प्रत्येक एजेन्सी को सारे सुरक्षा कर्मियों की वेरिफिकेशन का प्रमाण पत्र भी स्थानीय पुलिस को उपलब्ध करवाना आवश्यक है। संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल, पुलिस उपायुक्त पूर्वी विकास अरोड़ा और पुलिस उपायुक्त पश्चिमी महेश्वर दयाल और निजी सुरक्षा एजेन्सियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। निजी सुरक्षा एजेन्सियां अपना लाईसेंस जल्द से ले लें और अगर उन्हें लाईसैंस लेने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है तो सम्बन्धित अधिकारी को सूचित करें। उन्होंने कहा कि अपने सुरक्षा कर्मियों की वेरिफिकेशन का प्रमाण पत्र नहीं देने वाली एजेन्सियों के प्रबन्धकों को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है।


प्रतिनिधियों से कहा कि वे किसी भी सुरक्षा कर्मी को काम पर रखने से पहले उसके गृह क्षेत्र से उसके आपराधिक रिकार्ड आदि की जांच करवा लें। कई आपराधिक मामलों में घटना को अंजाम देने वाले निजी सुरक्षा एजेन्सी के सुरक्षा कर्मी ही होते हैं। अगले महीने दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमण्डल खेलों के चलते भी पुलिस व गुड़गांव में कार्य करने वाली सभी निजी सुरक्षा एजेन्सियों का दायित्व बनता है कि वे शहर की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि अपने सुरक्षा कर्मियों की वेरिफिकेशन करवाने की जिम्मेदारी सम्बन्धित सुरक्षा एजेन्सी की है। अगर किसी एजेन्सी का सुरक्षा कर्मी जिला गुड़गांव का है तो गुड़गांव पुलिस उसकी वेरिफिकेशन करके सुरक्षा एजेन्सी को दे सकती है।

पुलिस आयुक्त ने उपस्थित प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने सभी सुरक्षा कर्मियों को हथियारों व सुरक्षा के लिए प्रयोग किए जाने वाले उपकरणों का प्रशिक्षण अवश्य दें। प्रशिक्षण के लिए अधिकृत प्रशिक्षण केन्द्र का ही इस्तेमाल करें। सभी सुरक्षा एजेन्सियां मिलकर प्रशिक्षण के लिए एक अलग प्रशिक्षण केन्द्र भी खोल सकती हैं लेकिन सम्बन्धित अधिकारी से प्रशिक्षण केन्द्र को अधिकृत करवाना जरूरी है। एक प्रतिनिधि द्वारा दिए गए सुझाव पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि निजी सुरक्षा एजेन्सियां अपने कार्यक्षेत्र की रेजीडेन्ट वैल्फेयर एसोसियशन से बात कर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए फेरबदल कर सकती हैं। किसी भी कालोनी में आने वाले प्रत्येक वाहन को कूपन देकर और वापसी में उससे कूपन प्राप्त कर चोरी की घटनाओं को कम किया जा सकता है।

देशवाल ने कहा कि प्राईवेट सिक्यूरिटी एजेन्सी रूल्स का उल्लंघन करने वाली किसी भी निजी सुरक्षा एजेन्सी को बख्शा नहीं जायेगा। शहर की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जायेगी। उन्होंने कहा कि गुड़गांव पुलिस बेहत्तर कार्य करने वाली निजी सुरक्षा एजेन्सियों को पुरस्कृत भी करेगी। पहले भी गुड़गांव पुलिस ने ग्रुप-4 एजेन्सी के एक सुरक्षागार्ड को गुमशुदा युवक को तलाशने में पुलिस की मदद करने पर 5 हजार रूपए का इनाम दिया था।

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  • Web Title:सुरक्षा एजेन्सियों के कर्मियों को करनी होगी वेरिफिकेशन