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रसोईघर नहीं, यह है 21 वीं सदी का किचन

रसोईघर नहीं, यह है 21 वीं सदी का किचन

गए दिन अब पीतल और कांसे के बर्तनों, भारी भरकम सिलबट्टे तथा पत्थर के मोटे पाट की चक्की वाले रसोईघर के। अब चलन है गैजेट फ्रैंडली किचन का जहां न केवल अत्याधुनिक उपकरण अपनी पैठ बना चुके हैं बल्कि उनमें मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।

जानेमाने शेफ संजीव कपूर कहते हैं कि किचन घर की आत्मा होता है जिसके बिना घर की कल्पना ही नहीं की जा सकती। यह एक ऐसी जगह है जहां पूरा परिवार सब कुछ भूल कर जुटता है और इस जगह से आने वाली व्यंजनों की खुशबू आतंकवाद, महंगाई, ट्रैफिक जैसी सभी चिंताएं कुछ देर के लिए दूर कर देती हैं। अत्याधुनिक उपकरणों ने किचन को नया रूप दे दिया है।

पाक कला विशेषज्ञ शाहीन अल्वी कहती हैं कि एक व्यवस्थित किचन व्यवस्थित जीवन शैली का परिचायक होता है। पहले महिलाओं का काफी समय रसोईघर में गुज़रता था लेकिन आज अत्याधुनिक उपकरणों ने सब कुछ आसान कर दिया है। अब लोगों के पास समय नहीं है और किचन रिवोल्यूशन समय की मांग है।

आर्कीटेक्ट सुमन भागवत कहती हैं अब मकानों के डिज़ाइन में किचन पर खास ध्यान दिया जाता है। इंटीरियर डेकोरेटर तय करता है कि किस हिस्से में गैस चूल्हा रहेगा, कहां वॉटर प्यूरीफायर रखना बेहतर होगा। डिज़ाइन में खास ध्यान इस बात पर दिया जाता है कि किचन में ज्यादा सामान आए, लेकिन सामने नज़र भी न आए। किचन खुला खुला होना चाहिए।

संजीव कहते हैं कि किचन रिवोल्यूशन का ही नतीजा है कि पाक कला पहले से कहीं ज्यादा लोकप्रिय हो गई है। अब रसोईघरों में काम करते समय लोग बोर नहीं होते क्योंकि वहां मनोरंजन के लिए भी संसाधन रखे जाने लगे हैं। यह कहना ज्यादा बेहतर होगा कि किचन अब गैजेट फ्रैंडली हो गए हैं।

शाहीन कहती हैं कि अब व्यस्तता के कारण यह परंपरा बदलने लगी है कि किचन में काम केवल महिलाएं ही करें। पुरूष भी किचन में दखल देने लगे हैं इसीलिए किचन स्टाइलिश बन गए हैं। इनकी लंबाई, चौड़ाई, खिड़की, सिंक, चिमनी सभी के लिए व्यवस्था बहुत सोच समझ कर की जाती है।

सुमन कहती हैं अब किचन में समय की बचत भी होती है और तनाव भी नहीं होता। मिक्सर, जूसर, ग्राइंडर, फूड प्रोसेसर, राइस कुकर, माइक्रोवेव, रेफ्रिजरेटर आदि न केवल काम आसान बनाते हैं बल्कि किचन की सजावट में चार चांद लगा देते हैं। अब तो किचन में चाइल्ड सेफ्टी लॉक भी लगाए जाते हैं ताकि बड़ों की गैरमौजूदगी में बच्चों उपकरणों के आसपास न खेलें।

वह कहती हैं कि कहने का मतलब है कि किचन रिवोल्यूशन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अगर आपको समय के साथ चलना है तो अपने किचन की कायाकल्प करनी ही होगा।

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