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बिहार में नक्सलियों के बंद का मिलाजुला असर

बिहार में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के गुरुवार को 12 घंटे के बंद की घोषणा का नक्सल प्रभावित इलाकों के ग्रामीण क्षेत्रों में मिलाजुला असर देखा गया।

राज्य के औरंगाबाद, गया, अरवल, जहानाबाद, मुंगेर, रोहतास, जमुई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानें भी बंद रहीं। सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति काफी कम देखी गई। त्योहार के समय इस बंदी के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में हालांकि नक्सलियों के बंद के दौरान अब तक कहीं से कोई बड़ी वारदात की सूचना नहीं है।

राज्य के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बंद के दौरान अब तक कहीं से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बंद को लेकर सभी ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के बंद के मद्देनजर जिला प्रशासन और रेल प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।

उल्लेखनीय है कि नक्सलियों ने लखीसराय, जमुई, मुंगेर और बांका में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कांबिंग आपरेशन तथा नीतीश सरकार की दोहरी नीति के विरोध में बंद का ऐलान किया है।

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