DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सकीना की मौत की सजा अमानवीय: ईयू

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैनुअल बारॉसो ने कहा है कि वह 43 वर्षीय ईरानी महिला सकीना मोहम्मदी अस्तियानी को पत्थरों से मार-मारकर मौत के घाट उतारने की सजा का फरमान सुनकर दहल उठे हैं और उन्हें लगता है कि यह कार्य इतना अमानुषिक है कि इसे शब्दों में बयान करना नामुकिन है।

बारॉसो ने यह टिप्पणी फ्रांस के स्ट्रॉसबर्ग में यूरोपीय संसद में अपने प्रथम सालाना संबोधन के दौरान की। यूरोपीय संसद आने वाले दिनों में एक प्रस्ताव पारित कर सकीना को सुनाई गई मौत की सजा की भर्त्सना कर सकती है। दो बच्चों की मां सकीना को व्याभिचारिता और अपने पति की हत्या में मदद करने के जुर्म में यह सजा सुनाई गई है।

सकीना को सुनाई गई सजा का अंतरराष्ट्रीय जगत में विरोध होने के बाद जुलाई में इस पर रोक लगा दी थी, लेकिन उसके वकीलों का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है। सकीना के वकील जावेद हुतान कियान का कहना है कि शुक्रवार को रमजान का पवित्र महीना समाप्त होते ही उसको कभी भी मौत के घाट उतारा जा सकता है।

फ्रांस और इटली पहले ही ईरान से सकीना को क्षमादान देने के अनुरोध कर चुके हैं लेकिन ईरान ने मंगलवार को इस बारे में यूरोपीय चिंताओं को खारिज करते हुए इस मसले पर बातचीत से इंकार कर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रहीम मेहमानपारस्त ने कहा कि सकीना को हत्या और बेवफाई का दोषी ठहराया गया है और इस मामले को मानवाधिकारों से नहीं जोड़ा जा सकता।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सकीना की मौत की सजा अमानवीय: ईयू