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आँखों की सुरक्षा

आँखें कुदरत का अनमोल उपहार हैं। यदि आँखें सलामत हैं तो दुनिया रंगीन है, वरना चारों ओर अंधेरा है, इसलिए आँखों की सुरक्षा भी जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें कम नजर आता है या चश्मा लगाने की नौबत आ जाती है। चंद उपायों से आप काफी हद तक आँखों की सुरक्षा कर सकते हैं।

- सूर्योदय से पहले उठें और आँखों को 20-25 बार ठंडे पानी धोएं। याद रखें, मुँह पर छींटे डालते समय या चेहरे को पानी से धोते समय मुँह में पानी भरा हो।

- धूप, गर्मी या श्रम के प्रभाव से शरीर गर्म हो तो चेहरे पर ठंडा पानी न डालें। थोड़ा विश्रम कर पसीना सुखाकर और शरीर का तापमान सामान्य करके ही चेहरा धोएं। आँखों को गर्म पानी से न धोएं।

- बहुत दूर के पदार्थो या दृश्यों को देर तक नजर गड़ाकर न देखें, तेज धूप से चमकते दृश्य को न देखें, कम रोशनी में लिखना, पढ़ना व बारीक काम करना नुकसानदेह होता है।

- नींद आ रही हो, आँखों में भारीपन, जलन या थकान महसूस हो तो काम बंद कर थोड़ा विश्रम करें।

- देर रात तक जागना और सूर्योदय के बाद देर तक सोना आँखों के लिए हानिकारक है। देर रात तक जागना ही पड़े तो घंटा-आधा घंटे में एक गिलास ठंडा पानी पी लें। सुबह देर तक सोकर उठें तो उठने के बाद मुँह में पानी भरकर, आँखों पर ठंडे पानी से 20-25 छींटे जरूर मारें।

- आँखों को धूल, धुआँ, धूप और तेज हवा से बचाना चाहिए। ऐसे वातावरण में ज्यादा देर न ठहरें। लगातार आँखों से काम ले रहे हों तो बीच में 1-2 बार आँखें बंद कर, आँखों पर हथेलियाँ हलके हलके दबाव के साथ रखकर आँखों को आराम देते रहें।

- तेज रफ्तार की सवारी करने पर हवा से आँखों को बचाएँ। तनाव, अधिक देर तक लगातार रोना, अत्यधिक शोक संतृप्त रहना आदि नेत्रों को हानि पहुँचाने वाले काम हैं। इनसे बचने की भरपूर कोशिश करनी चाहिए।

- आँखें सबसे कोमल और संवेदनशील अंग हैं अत: जरा सी लापरवाही भरे व्यवहार से इन पर सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ता है यह ध्यान रखें।

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