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स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई स्थगित

स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई स्थगित

लाहौर हाई कोर्ट ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में पाकिस्तानी खिलाड़ियों और अधिकारियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई मंगलवार को सुनवाई की।
 
हालांकि न तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष एजाज़ बट्ट ही सुनवाई में शामिल हुए और न ही वे सात खिलाड़ी आए जिनके खिलाफ समन जारी किया गया था। ऐसे में न्यायाधीश ख्वाजा शरीफ ने सुनवाई 22 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
 
वकील इश्तियाक अहमद ने गत महीने पाकिस्तानी खिलाड़ियों का नाम स्पॉट फिक्सिंग में आने के बाद आरोपी खिलाड़ियों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। अहमद ने मांग की थी कि इन खिलाड़ियों ने देश का सिर नीचा किया है इसलिए इनकी सम्पत्ति भी ज़ब्त कर ली जाए।
 
पीसीबी के कानूनी सलाहकार तालिब रिजवी अदालत में दलील दी कि किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं इसलिए उनके खिलाफ दायर इस याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता। रिजवी ने कहा कि हमने अदालत को बताया कि हमारे खिलाड़ियों के खिलाफ स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के केवल आरोप लगे हैं। अभी तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है इसलिए इस याचिका की सुनवाई करने का कोई औचित्य नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि डिप्टी अटार्नी जनरल खेल मंत्रालय की ओर से अदालत में उपस्थित हुए और उन्होंने बताया कि पीसीबी स्वतंत्र इकाई है लेकिन यदि कोई खिलाड़ी फिक्सिंग या सट्टेबाजी में शामिल पाया जाता है तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
 
ग्यातव्य है कि ब्रिटिश अखबार न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड ने खुलासा किया था कि कप्तान सलमान बट्ट और तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ तथा मोहम्मद आमेर इंग्लैंड के खिलाफ चौथे और आखिरी टेस्ट में स्पॉट फिक्सिंग में शामिल थे।
 
इस आरोप के बाद पीसीबी ने तीनों खिलाड़ियों को शेष इंग्लैंड दौरे से टीम से बाहर कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भी दागी खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच पूरी होने तक उनके क्रिकेट गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगा दी है।

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