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राष्ट्रमंडल-खेलों में 1974 में अंतिम बार सपरिवार पहुंची थी महारानी

राष्ट्रमंडल-खेलों में 1974 में अंतिम बार सपरिवार पहुंची थी महारानी

इंग्लैंड की महारानी और राष्ट्रमंडल प्रमुख क्वीन एलिज़ाबेथ द्वितीय ने न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टर्च में हुए 1974 राष्ट्रमंडल खेलों को अपनी मौजूदगी से काफी खास बनाया दिया था क्योंकि यह अंतिम मौका था जब समस्त तत्कालीन राज परिवार ने इस प्रतिष्ठित खेलों के समारोह में शिरकत की थी।
  
क्राइस्टचर्च खेलों के दौरान रानी के अलावा उनके पति प्रिंस फिलिप और बच्चे भी न्यूज़ीलैंड में मौजूद थे और इन खेलों के बाद कभी किसी देश को राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान समस्त राजपरिवार की मेज़बानी करने का मौका नहीं मिला। राजपरिवार ने इन खेलों के दौरान राजसी नौका एचएमवाई ब्रिटानिया में डेरा डाला था।
  
क्राइस्टचर्च में 24 जनवरी से दो फरवरी के बीच हुए 10वें राष्ट्रमंडल खेलों को ब्रिटिश राष्ट्रमंडल खेलों के नाम से आयोजित किया गया जो अंतिम मौका था जब इन खेलों के साथ ब्रिटिश शब्द जुड़ा था।
  
इन खेलों के दौरान पहली बार एथलीटों की सुरक्षा को सर्वोच्च वरीयता दी गई क्योंकि 1972 में म्यूनिख ओलंपिक खेलों के दौरान इस्राइली एथलीटों की हत्या के बाद इतने बड़े स्तर के यह पहले खेल थे। कैंटरबरी विश्वविद्यालय के होस्टल को खेलगांव बनाया गया था और इसके चारों तरफ अस्थाई बाड़ लगाई गई और सुरक्षा के चाक चौबंद इंतज़ाम किए गए।
   
इन खेलों को जमैका के स्टार धावक डॉन क्वेरी के लिए भी याद किया जाता है जो ट्रैक एंड फील्ड में एक बार फिर तहलका मचाते हुए 1970 में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग के अपने 100 मीटर और 200 मीटर के खिताब बचाने में सफल रहे।

क्राइस्टचर्च में नौ खेलों की स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। इस दौरान एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइकिलिंग, लॉन बॉल्स, निशानेबाज़ी, तैराकी और गोताखोरी, भारोत्तोलन तथा कुश्ती की स्पर्धाओं में 1276 एथलीटों ने हिस्सा लिया। इन खेलों में 38 देशों ने हिस्सा लिया जिसमें से केवल 22 ही पदक जीतने में सफल रहे। समोआ, लेसोथो और स्वाजीलैंड ने इन खेलों के दौरान राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला पदक जीता।
   
ऑस्ट्रेलिया इन खेलों में एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित करते हुए 29 स्वर्ण, 28 रजत और 25 कांस्य की मदद से सर्वाधिक 82 पदक के साथ चोटी पर रहा। उसे हालांकि इंग्लैंड से कड़ी टक्कर मिली जो 28 स्वर्ण, 31 रजत और 21 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कनाडा ने 25 स्वर्ण, 19 रजत और 18 कांस्य पदक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया जबकि भारत चार स्वर्ण, आठ रजत और तीन कांस्य के साथ छठे स्थान पर रहा।
   
यह खेल रिकॉर्ड के लिहाज़ से हालांकि काफी नीरस रहे और केवल चार नये रिकॉर्ड ही बन पाए। एथलेटिक्स में दो जबकि साइकिलिंग और निशानेबाजी में एक-एक नया रिकॉर्ड बना।
   
क्राइस्टचर्च खेल न्यूज़ीलैंड टेलीविज़न के लिए काफी अहम रहे और इसके साथ देश में रंगीन टेलीविज़न की शुरूआत हुई लेकिन दुर्भाग्य से न्यूज़ीलैंड ब्रॉडकास्टिंग की सीमित सुविधाओं के कारण केवल एथलेटिक्स, तैराकी और मुक्केबाज़ी की स्पर्धाओं का ही रंगीन प्रसारण हो सका।

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  • Web Title:राष्ट्रमंडल-खेलों में 1974 में अंतिम बार सपरिवार पहुंची थी महारानी