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टेटे की मौत की जानकारी नहीं थी बाकी पुलिसकर्मियों को

बिहार में चार पुलिसकर्मियों को अगवा करने के बाद माओवादियों ने उनके हथियार ले लिए थे और उनकी आंखों पर पटिटयां बांधकर उन्हें अलग अलग रखा था। तीन पुलिसकर्मियों को यह नहीं मालूम था कि चौथे अगवा पुलिसकर्मी की हत्या कर दी गई है।

रिहा पुलिसकर्मियों में से एक ने सोमवार को कहा कि माओवादियों ने जंगलों में उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा था और वे बंधकों के सामने काफी कम बातचीत करते थे। थोड़ी बहुत जो भी बातचीत करते वे कोड भाषा में होती थी। पटना से करीब 165 किलोमीटर दूर लखीसराय जिले में 29 अगस्त को माओवादियों के साथ मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मी मारे गए थे जबकि चार को माओवादियों ने अगवा कर लिया था। बाद में उन्होंने बिहार सशस्त्र पुलिस के लुकास टेटे की हत्या कर दी थी। बाकी तीन पुलिसकर्मियों को सोमवार को रिहा कर दिया गया।

मुक्त पुलिसकर्मियों में से एक बीएमपी के हवलदार एहसान खान ने लखीसराय थाने में संवाददाताओं को अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि कजरा के जंगलों में अपहरण किए जाने के बाद उनकी आंखों पर पटि्टयां बांध दी गई और उन्हें अलग अलग रखा गया। रांची के रहने वाले खान ने कहा कि शुरू में मैं अपने और साथी पुलिसकर्मियों को लेकर चिंतित था। लेकिन माओवादियों ने ठीक व्यवहार किया और आश्वस्त किया कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

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