DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बफे-गेटस के रात्रि भोज में नहीं आना चाहते चीनी अरबपति

 बफे-गेटस के रात्रि भोज में नहीं आना चाहते चीनी अरबपति

अरबपतियों की संख्या के मामले में अमेरिका के बाद चीन का नंबर आता है। पर संभवत: चीन के अरबपति परोपकारी कार्यों के लिए अपनी धन संपदा दान देने के इच्छुक नहीं हैं। दुनिया के दो प्रमुख अरबपतियों बिल गेटस और वारेन बफे ने इन दिनों दुनिया भर के अमीरों से अपनी संपत्ति का एक हिस्सा परोपकारी कार्यों के लिए दान करने को कह रहे हैं।
   
इसी अभियान के तहत गेटस और बफे ने चीन के 50 सबसे बड़े अमीरों को 29 सितंबर को बीजिंग में एक रात्रि भोज में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। पर ज्यादातर चीनी अरबपतियों ने गेटस और बफे के साथ इस आयोजन में शामिल होने के आमंत्रण को ठुकरा दिया है। उन्हें आशंका है कि इस मौके पर उनसे अपनी संपत्ति दान करने की प्रतिबद्धता ली जा सकती है।


गेटस और बफे की यह जोड़ी अब तक दुनिया के 40 अरबपतियों को अपनी आधी संपत्ति दान करने के लिए भरोसे में ले चुकी है। इस संपत्ति का मूल्य 125 अरब डालर बैठता है।
    
चीन के सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस चैरिटी डिनर की चर्चा शुरू होने के साथ ही ज्यादा अमीर चीनी उद्योगपतियों को ऐसी आशंका है कि उन्हें भी इसी तरह की प्रतिबद्धता जताने को कहा जा सकता है। इसलिए वे इस रात्रि भोज में शामिल नहीं होना चाहते हैं।
    
बिल और मेलिंडा गेटस फाउंडेशन के चीनी कार्यक्रम के प्रमुख रे यिप ने कहा, थोड़ी संख्या में अरबपतियों ने इस आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण ठुकरा दिया है। वहीं कई अन्य ने पूछा जाने है कि क्या इस मौके पर उन्हें अपनी संपत्ति दान करने की घोषणा करनी होगी।

 

फाउंडेशन की मीडिया अधिकारी जांग जिंग ने कहा कि हो सकता है कि कुछ उद्यमियों ने अपनी व्यस्तता के चलते यह आमंत्रण ठुकराया हो। उन्होंने कहा, इसका मतलब यह नहीं है कि उद्यमी इस बात से घबरा गए हैं कि उन्हें अपनी संपत्ति दान करने के लिए घेरा जा सकता है। हो सकता है कि कुछ लोग अपनी व्यस्तता की वजह से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएं।

फाउंडेशन के एक अन्य अधिकारी ये लेई ने कहा कि गेटस और बफे का चीन के अमीरों से ऐसी प्रतिबद्धता को कहने का इरादा कतई नहीं है। उनकी इस यात्रा का एकमात्र उददेश्य परोपकार को बढ़ावा देना और चीन में धर्मार्थ कार्यों को आगे ले जाना है।

     
उन्होंने कहा कि वे सिर्फ इस मकसद से यहां आ रहे हैं जिससे यह देखा जा सके कि यहां भविष्य में परोपकारी कार्यों के लिए किसी तरह का गठबंधन हो सकता है। अभी तक सिर्फ दो चीनी अरबपतियों ने ग्वांगबियाओ और क्षांग चिन ने इस आयोजन में शामिल होने की पुष्टि की है। चीन के एक सफल उद्यमी चेन ने कहा है कि वह अपनी मृत्यु के बाद अपनी सारी संपत्ति परोपकारी कार्यों के लिए दान कर देंगे। वहीं दूसरी ओस चिन पहले से ऐसा केंद्र चला रहे हैं जहां 700 अवारा कुत्तों, बिल्लियों और अन्य पशुओं को रखा गया है। फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची के अनुसार जहां अमेरिका में अरबपतियों की संख्या 117 है, वहीं चीन में यह 64 है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बफे-गेटस के रात्रि भोज में नहीं आना चाहते चीनी अरबपति