DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जीटीएल और आर इंफ्राटेल के बीच कारोबार का सौदा टूटा

जीटीएल और आर इंफ्राटेल के बीच कारोबार का सौदा टूटा

अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्राटेल की टावर परिसंपत्ति का जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रस्तावित 50,000 करोड़ रुपए का विलय सौदा रद्द हो गया है। दोनों कंपनियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

आर इंफ्राटेल की मूल कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा है कि उसने टावर परिसपंत्ति की बिक्री के लिये अन्य निवेशकों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि कंपनी ने जीटीएल इंफ्रा के साथ बात टूटने का कारण नहीं बताया।
  
जीटीएल इंफ्रा ने बंबई शेयर बाजार को आज दी सूचना में कहा कि दोनों पक्ष किसी समक्षौते पर नहीं पहुंच सके। दोनों कंपनियों के बीच गैर-बाध्यकारी समक्षौता 27 जून 2010 को हुआ था जो 31 अगस्त 2010 को समाप्त हो गया।

कंपनी ने कहा है कि विभिन्न प्रयासों के बावजूद दोनों कंपनियों ने न तो इस समक्षौते को आगे बढ़ाया और न ही कोई नया सौदा समक्षौता किया जैसा कि उसमें कहा गया था। परिणामस्वरूप विलय की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
  
अलग से बयान देकर, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा कि उसने इसी प्रकार का सौदा करने के लिये रणनीतिक और वित्तीय निवेशकों की तलाश शुरू कर दी है। इस सौदे का मकसद कंपनी के रिण में कमी लाना और आरकाम के शेयरधारकों को उनके शेयर का निष्क्रिय बुनियादी ढांचे तथा संबद्ध परिसंपत्ति के जरिये वाजिब मूल्य दिलाना है। ये संपत्ति रिलायंस इंफ्राटेल की है जो आरकाम की 95 फीसद अनुषंगी कंपनी है।


इससे पहले, आरकाम ने रिलायंस इंफ्राटेल के लिये आईपीओ की योजना बनायी थी लेकिन जीटीएल इंफ्रा के साथ विलय सौदे के प्रस्ताव के बाद इस मामले में कोई विकास नहीं हो पाया।

  
सौदा रदद होने की घोषणा से आरकाम और जीटीएल इंफ्रा के शेयर भार में गिरावट दर्ज की गयी है। बंबई शेयर बाजार में दोपहर कारोबार के दौरान जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 2.77 फीसद गिरकर 43.95 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है। वहीं आरकाम का शेयर 0. 92 फीसद घटकर 161. 90 रुपए प्रति शेयर रहा।
 
जियोजीत बीएनपी परिबास के सहायक उपाध्यक्ष गौरांग शाह ने कहा, यह कदम आश्चर्यजनक नहीं है क्योंकि सौदे का मूल्य अधिक था तथा आरकाम के उपर रिण बोक्ष जीटीएल इंफ्रा के लिये बड़ी चिंता का कारण था।

जीटीएल, आरकाम और उसकी अनुषंगी रिलायंस इंफ्राटेल लि़ के निदेशक मंडल ने दुनिया की सबसे बड़ी स्वतंत्र दूरसंचार बुनियादी ढांचा कंपनी के गठन के लिये 27 जून को 50,000 करोड़ रुपए "11 अरब अमेरिकी डालर" के विलय सौदे को मंजूरी दी थी। सूत्रों के अनुसार सौदे से आरकाम को 33,000 करोड़ रुपए के ऋण में 18,000 करोड़ रुपए की कमी करने में मदद मिलती। प्रस्तावित सौदे के तहत नई कंपनी के पास 80,000 टावर होते।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जीटीएल और आर इंफ्राटेल के बीच कारोबार का सौदा टूटा