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नक्सली अभद्र व्यवहार नहीं करते थे : एहसान

बिहार सैन्य बल-10 के कांस्टेबल और झारखंड निवासी एहसान खान ने नक्सलियों के चंगुल से आठ दिन बाद मुक्त होने के बाद कहा कि नक्सलियों ने उनके साथ कभी कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया।

मुक्त होने के बाद लखीसराय थाना परिसर में खान ने बताया कि नक्सली उनकी आंखों पर हमेशा पट्टी बांध कर रखते थे। कभी-कभी हाथ भी बांध देते थे। उन्हें खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं हुई। मांडर गांव के रहने वाले खान ने बताया कि नक्सली कभी अभद्र व्यवहार नहीं करते थे, बल्कि आदर से पेश आते थे।

उन्होंने बताया कि नक्सली कहा करते थे कि आप लोग चिंता मत कीजिए। आप लोगों को छोड़ देंगे। खान के मुताबिक उन्हें सोमवार को जब आंखों पर पट्टी बांधकर पहाड़ी से उतारा जा रहा था। तभी उन्हें बताया गया कि उनके एक साथी लुकस टेटे की हत्या कर दी गई है। इसके पहले उन्हें टेटे की हत्या के बारे पता नहीं था। नक्सलियों ने उन्हें कहां रखा था और वे कितने लोग थे वह यह सब कुछ नहीं देख पाए।

उल्लेखनीय है कि लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में 29 अगस्त को पुलिस और नक्सली के बीच मुठभेड़ के बाद एहसान खान समेत चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गया था। इसमें से एक लुकस टेटे की हत्या कर दी गई थी। बाकी बचे तीन पुलिसकर्मी सोमवार को मुक्त हो पाए।

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