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शाम की शिफ्ट में प्रवेश नहीं चाहते छात्र

प्रतिष्ठित कॉलेजों में भी शाम की पाली में छात्र नहीं पढ़ता चाहते। सुंदरदीप इंस्टीट्यूट में चल रही काउंसलिंग में छात्रों का टोटा रहा। एमबीए में केवल एक छात्र प्रवेश के लिए पहुंचा तो फार्मेसी में किसी भी छात्र ने सेंटर पर रिपोर्ट नहीं किया। रविवार को बची हुई सीटों के लिए बीटेक, एमबीए और फार्मेसी के छात्रों को बुलाया गया है।


गौतम बुद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय ने अगस्त के अंत में शाम की पाली को मंजूरी दी। इसके लिए तीन सितंबर से सात सिंतबर तक काउंसलिंग आयोजित की गई। पहले दो दिन बीटेक की काउंसलिंग थी। बीटेक में केवल चालीस छात्रों ने हिस्सा लिया। बीटेक में छात्रों की कमी से कॉलेज परेशान हैं। उन्हें प्रवेश के लिए छात्र नहीं मिल रहे। रविवार को मैनेजमेंट और फार्मेसी की काउंसलिंग थी। शासन से फार्मेसी में एक और मैनेजमेंट में एक कॉलेज को मंजूरी मिली है। फार्मेसी में कोई भी छात्र प्रवेश के लिए नहीं पहुंचा। एमबीए में पूरे दिन केवल एक छात्र ने काउंसलिंग में हिस्सा लिया। सुंदरदीप इंस्टीट्यूट पर पूरा अमला दिनभर काउंसलिंग के लिए छात्रों का इंतजार करता रहा। उधर शाम की पाली लेने वाले कॉलेजों की भी धड़कन बढ़ी हुई हैं। उन्हें सीटें खाली रहने की आशंका डरा रही है।
काउंसलिंग सेंटर प्रभारी ओपी चौधरी ने बताया कि पहले तीन दिनों में छात्रों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। फार्मेसी का हाल तो मुख्य काउंसलिंग में भी अच्छा नहीं था। चौधरी ने बताया कि आज बीटेक, एमबीए और फार्मेसी की बची हुई सीटों पर एक साथ काउंसलिंग होगी।

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