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वकील ने कराई थी व्यापारी की हत्या

करीब पांच महीने पहले हुई व्यापारी उदय प्रकाश अग्रवाल हत्याकांड का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्या के आरोप में एक अधिवक्ता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक आरोपी जमानत तुड़वाकर पहले ही जेल पहुंच चुका है। हत्या के पीछे जमीन का विवाद मुख्य वजह बनी।


हत्याकांड का खुलासा करते हुए आईजी कुमाऊं रेंज राम सिंह मीना ने बताया कि, रविवार को पुलिस ने रोडवेज बस अड्डे के पास से जसपुर (ऊधमसिंह नगर) निवासी चमन कुमार, काशीपुर निवासी प्रकाश पाण्डे उर्फ विकास त्यागी उर्फ लंबू और घनखोला (रामनगर) निवासी उमेश सजवाण उर्फ बब्बू को दो तमंचे और दो जिंदा कारतूस के साथ दबोचा।
कड़ी पूछताछ के बाद तीनों ने 18 अप्रैल को देवलचौड़ निवासी उदय प्रकाश अग्रवाल की हत्या करने की बात कबूल की है। इन्होंने बताया कि उदय और अधिवक्ता घनानंद जोशी के बीच देवलचौड़ स्थित एक प्लॉट को लेकर रंजिश चल रही थी। रंजिश बढ़ने पर वकील घनानंद जोशी ने अपने साथी सूरज वर्मा के साथ मिलकर उदय को ठिकाने लगाने की योजना बनायी। घनानंद के कहने पर सूरज वर्मा ने हिस्ट्रीशीटर चमन कुमार से संपर्क साधा।

घटना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए चमन ने ही सूरज वर्मा को शूटर प्रकाश पाण्डे, बब्बू और काशीपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर लक्ष्मण थापा से बाजपुर में मुलाकात करायी। डेढ़ लाख रुपये में उदय की हत्या की सुपारी तय हुई। 18 अप्रैल की शाम को प्रकाश पांडे, बब्बू और थापा ने उदय को फोन कर रेता-बजरी की सप्लाई की बात करने के लिए डहरिया स्थित धान मिल तिराहे पर बुलाया। उदय वहां पहुंचते ही बब्बू और प्रकाश पांडे ने उसे नजदीक से गोली मार दी और भाग गए। पुलिस ने बताया कि शिकंजा कसता देख लक्ष्मण थापा एक पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल में चला गया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को नैनीताल स्पेशल ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

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