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रांची से डीआइजी बाखला को पकड़ा

राजधानी रांची में मकान बनाकर रहने वाले सीआरपीएफ के डीआइजी पीएम बाखला को सीबीआई ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मूलत: सिमडेगा वासी बाखला फिलवक्त मुजफ्फरपुर में तैनात हैं। उधर, ब्यूरो ने बिहार सेक्टर के आइजी पुष्कर सिंह सहित आठ अफसरों और दलालों को कांस्टेबल भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया है।ड्ढr छापामारी में जब्त दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि नियुक्ित घोटाले के तार रांची, जमशेदपुर और पलामू से भी जुड़े है। कांस्टेबल और जेनरल डय़ूटी के पदों के लिए पैसे लेकर नियुक्ित कराने के रैकेट में आइजी, डीआइजी और कमांडेंट स्तर के अफसर से लेकर सिपाही और दलाल शामिल हैं। सीबीआइ की छापामारी में एक करोड़ 15 लाख रुपये नकद और निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त किये जा चुके हैं। अलीगढ़ निवासी आइजी पुष्कर सिंह के पास से 23 लाख नकद, 15 लाख का फिक्सड डिपॉजिट और अन्य संपत्ति के दस्तावेज जब्त किये गये हैं। वहीं जमशेदपुर स्थित 132 बटालियन के कमांडेंट यादवेंद्र सिंह को यमुनानगर से गिरफ्तार कर एक दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है, जबकि मेदिनीनगर के कमांडेंट बीएस सिद्धू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बर्खास्त सिपाही और दलालों के सरगना मुकेश कुमार भारद्वा, स्वाति भारद्वाज, त्रिपुरारी कुमार उर्फ बबलू और सिंधूनाथ शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कमांडेंट के रिश्तेदार परगट सिंह को भी पकड़ा गया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार स्वाति मुकेश की पत्नी है। पुष्कर सिंह और चार अन्य व्यक्ितयों को बुधवार को रिमांड पर लेने के लिए पटना में सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। जब्त दस्तावेजों से पता चला है कि वर्ष 2003 से ही नियुक्ितयों में धांधली चल रही थी। दलालों के माध्यम से उम्मीदवारों से संपर्क साधा जाता था और पैसे लेकर उनकी बहाली की जा रही थी। आईजी से रात भर पूछताछ से इसका खुलासा हुआ है। दलालों के सरगना के पास से 55 लाख रुपये नकद बरामद किये गये। इसके अलावा पटना के मुन्नाचक इलाके से दो अन्य दलालों की गिरफ्तारी की गयी है। इनके ठिकानों से भी सीबीआई ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। सीबीआई सूत्रों के अनुसार ऐसी सूचना मिली थी कि दलालों का नेटवर्क सीआरपीएफ के बिहार सेक्टर (बिहार-झारखंड) के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है जिसमें आईजी, डीआईजी और कुछ कमांडेंट शामिल हैं। जांच के घेर में आ सकते हैं पूर्व डीाीड्ढr रांची में रह चुके हैं जोनल आइजी ड्ढr सीआरपीएफ के पूर्व डीाी भी नियुक्ित घोटाले जांच के दायर में आ सकते हैं। इनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा नियुक्ितयां हुई हैं। उनके कार्यकाल में सिपाही और हवलदार के पद पर पैसे लेकर नियुक्ित किये जाने का आरोप है। इस बिन्दु पर भी सीबीआइ छानबीन कर रही है। पूर्व डीाी रांची में पुलिस के जोनल आइजी भी रह चुके हैं।

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