DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नीतीश कार्यकाल: नक्सली हमले में 86 पुलिसकर्मी शहीद

बिहार की नीतीश सरकार के कार्यकाल में अबतक नक्सली हमले एवं मुठभेड़ में 86 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं वहीं 188 आम नागरिकों की हत्या की गई। बिहार पुलिस को गत वर्षों की तरह 2010 में भी नक्सलियों के साथ दो-दो हाथ करना महंगा पड़ा और नक्सली-पुलिस मुठभेड़ की विभिन्न घटनाओं में इस वर्ष नक्सलियों से अधिक पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं।

माओवादियों ने इस वर्ष गत 10 जनवरी को भागलपुर स्थित बिहार सैन्य बल के शिविर पर हमला कर चार जवानों को घायल कर दिया तथा चार एसएलआर, दो कार्बाइन, 500 जिंदा कारतूस और तीन हैंड ग्रेनेड लूट लिए थे। गत 13 फरवरी को गया जिले के कांच थाना अंतर्गत मक्षियावां गांव में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में टेकारी के थाना प्रभारी मिथिलेश प्रसाद शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में तीन माओवादी भी मारे गए थे।

गत 29 अगस्त को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र के शीतलाकोरासी पंचायत स्थित रामटालनगर गांव के समीप हुई मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे जबकि माओवादियों ने चार पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया और पुलिस के 35 हथियार लूट लिए थे। नक्सली चारों बंधक पुलिस कर्मी की रिहाई के एवज में सरकार से बिहार के विभिन्न जेलों में बंद उनके आठ साथियों जय पासवान, विजय चौरसिया, प्रेम भूषण, प्रमोद बर्नवाल, रामविलास तांती, रमेश तिर्की, अर्जुन कोडा और रत्तू कोडा की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

माओवादियों द्वारा अपहृत पुलिसकर्मियों में से एक लुकस टेट की गत तीन अगस्त को हत्या कर दी थी जबकि बाकी अन्य तीन बंधक अवर निरीक्षक रूपेश कुमार और अभय प्रसाद यादव तथा बीएमपी हवलदार एहतशाम खान को बंधक बनाए रखा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नीतीश कार्यकाल: नक्सली हमले में 86 पुलिसकर्मी शहीद