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सत्यम में नहीं डूबी बैंकों की बड़ी पूंजी

रिजर्व बैंक का कहना है कि अरबों रुपए के सत्यम कंप्यूटर्स घोटाले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कोई बड़ी पूंजी शामिल नहीं है। सत्यम घोटाले के बारे में बैंकों की पूंजी डूबने के बारे में पूछे जाने पर रिजर्व बैंक गवर्नर डॉ. डी. सुब्बाराव ने कहा कि सत्यम के मामले में अब तक की जो भी जांच-पड़ताल हुई है उसमें बैंकों की कोई बड़ी पूंजी शामिल नहीं है। क्रेडिट पॉलिसी की तीसरी तिमाही समीक्षा जारी करने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान श्री सुब्बाराव ने कहा कि सत्यम मामले में बैंकों का मामूली धन ही सम्मिलित है। सत्यम की ऑडिटर प्राइसवाटरहाउस कूपर्स के बारे में पूछे जाने पर डॉ. सुब्बाराव ने कहा कि आईसीएआई की जांच का नतीजा आने के बाद बैंक फर्म की भूमिका के बारे में नए सिरे से विचार करेगा। उन्होंने कहा कि यह विदेशी फर्म संदेह के दायरे में थी और रिजर्व बैंक एक बार इसे निलंबित भी कर चुका है। हिरासत में लेने की मांगड्ढr आंध्रप्रदश के अपराध जांच विभाग न एसआरएसआर के महाप्रबंधक वेंकट गापालकष्ण राजू का हिरासत में लन की मांग की जा फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। गापालकृष्ण का 22 जनवरी का हिरासत में लिया गया। सीआईडी न गापालकृष्ण राजू की हिरासत के लिए छठ अतिरिक्त मुख्य मट्रापालिटन मजिस्ट्रट की अदालत में अर्जी दाखिल की है। एसआरएसआर हाल्डिंग के मालिक सूर्यनारायण राजू हैं जा बी रामलिंगा राजू के भाई हैं। मदद को वीडिया क्िलपड्ढr अपन सहयागियों और अन्य हिस्सदारों के साथ संबंध सुधारन के लिए सत्यम कंप्यूटर्स सर्विसज के बार्ड मदद के लिए उन्हें वीडिया संदश दिखा रहा है। बार्ड में सरकार द्वारा नियुक्त एक सदस्य दीपक पारख न वीडिया क्िलप में कहा कंपनी में नकदी की भारी कमी है और जब तक खातों का पुनरीक्षण नहीं हाता बैकों के लिए ऋण दना मुश्किल हागा। लकिन हमन व्यवस्था की है और मुझ भरासा है कि अगल कुछ दिनों में धन मिल जाएगा ताकि हम भुगतान समय पर कर सकें। बैंकर और प्रबंधन सलाहाकार नियुक्तड्ढr सत्यम के छ: सदस्यीय निदेशक मंडल ने मंगलवार को अहम फैसले करते हुऐ गोल्डमैन और एवनडुस को निवेशक बैंकर और बोस्टल कल्सल्टिंग ग्रुप को प्रबंधन सलाहाकार नियुक्त किया है। एलआईसी से मांगी आर्थिक मदद ड्ढr अरबों रुपयों के घोटाले में फंसी सत्यम कम्प्यूटर्स अपने कर्मचारियों के वेतन और अन्य भुगतान के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय जीवन बीमा निगम समेत कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर धनराशि जुटा रही है। जीवन बीमा कंपनी एलआईसी के वरिष्ठ अधिकारी और सत्यम के नवगठित निदेशक मंडल के सदस्य एस. बालाकृष्णन ने बताया कि कार्यशील पूंजी और कुछ ऋण के लिए वित्तीय संस्थानों, विशेष रूप से एलआईसी से संपर्क किया जा रहा है। उधर, बोर्ड के सदस्य दीपक पारख ने कहा कि कंपनी ने पूंजी के लिए कुछ मदों से इंतजाम किया है और उम्मीद है कि कुछ दिनों में धनराशि आ जाएगी। आयकर विभाग न शुरू की जांचड्ढr आयकर विभाग सत्यम के घाटाल की स्वतंत्र रूप स जांच कर रहा है। विभाग मुख्य रूप स टीडीएस और बनामी सौदों की जांच करगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बार्ड के अध्यक्ष एन. बी. सिंह न यह जानकारी देते हुए कहा कि आयकर विभाग टीडीएस और यदि बनामी सौद हुए हैं ता उनकी जांच करगा। हालांकि उन्होंन जांच खत्म हान की समय सीमा बतान स इनकार कर दिया और कहा कि इसकी अवधि तय नहीं की जा सकती, लकिन हम इस प्रक्रिया का जल्दी पूरा करन की काशिश करेंग।

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  • Web Title: सत्यम में नहीं डूबी बैंकों की बड़ी पूंजी