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जनपथ के कपड़े पहनकर राजपथ पर आ रहे भिखारी

कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन के लिए जहां एक ओर पूरा सरकारी अमला जुटा हुआ है। वहीं एक ऐसा वर्ग भी है जो खेलों के दौरान रैपर बदलकर अपने काम को अंजाम देने की योजना बना रहा है। यह वर्ग है भिखारियों का, जिसे दिल्ली से खदेड़ने का अभियान भी छेड़ा गया है। इसी अभियान को देखते हुए अब भिखारी साफ-सुथरे कपड़े पहनकर राह चलते लोगों से सीधे भीख मांगने के बजाय चौराहे, पर्यटन स्थल, सिग्नल व स्मारकों के आसपास करतब दिखाकर भीख लेने की युक्ति बना रहे हैं।


गौरतलब है कि खेलों के दौरान खिलाड़ियों के साथ-साथ विदेशी दर्शक भी भारी संख्या में यहां आकर ठहरेंगे व खेलों का लुत्फ लेंगे। इस दरम्यान वे विभिन्न पर्यटन स्थल एवं स्मारक आदि भी देखने जाएंगे। भिखारियों का मानना है कि विदेशियों से वे विदेशी स्टाइल में ही भीख लेंगे। इसके लिए सबसे पहले वे अपनी वेशभूषा में सुधार कर रहे हैं। मैले-कुचेले, फटे-पुराने कपड़ों के बजाय वे स्तरीय कपड़ों को पहनकर उन स्थानों पर जा रहे हैं, जहां अधिक से अधिक लोग घूमने-फिरने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा सिग्नल व चौराहों पर भी वे स्थान तय कर रहे हैं।


खेल के दौरान भिखारी हाथ-पांव जोड़कर या भगवान के नाम पर भीख मांगने के बजाय अपने हुनर या करतब से लोगों को आकृष्ट कर भीख मांगेंगे। उनका मानना है कि ऐसा करने पर पुलिस भी उन्हें परेशान नहीं करेगी।
इंडिया गेट पर एक नन्ही बच्ची के साथ कुछ इसी तैयारी से भीख मांग रहे कल्याणपुरी निवासी असलम ने कहा कि साफ-सुथरे कपड़ों में नट करतब दिखाकर भीख मांगने पर कोई नाक-भौं नहीं सिकोड़ेगा। उसने बताया कि वह करीब दो साल से यह काम कर रहा है। बच्ची उसके परिवार से है।


मंडी हाऊस के नजदीक नट का करतब दिखाने वाली दस वर्षीय मीनाक्षी और सोनू ने कहा कि उन्हें मास्टर ने एक हफ्ते से नए कपड़े पहनने के लिए दिये हैं, जबकि पहले वे आधे-अधूरे कपड़ों में ही भीख मांगते थे। अब उन्हें यह करतब दिखाने के लिए भी कहा गया है, लेकिन यह मास्टर कौन है? इस पर वे चुप हो गए।

बाक्स::

दिल्ली में भिखारी: 60 हजार से ज्यादा
कहां-कहां से आए हैं : राजस्थान, पश्चिम बंगाल
कहां रहते हैं: अधिकांश भिखारी दिल्ली की शाहदरा के नजदीक अवैध बस्ती में और कल्याणपुरी में 
भिक्षावृत्ति रोकने के लिए कानून: बम्बई भिक्षावृति अधिनियम 1959
कानून के तहत सजा: पहली बार पकड़े जाने पर गए भिखारी को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है, जबकि दोषी करार भिखारी को अधिकतम तीन साल की कारावास की सजा का प्रावधान है।
छापमार दस्ते: 11
मोबाइल कोर्ट: 2
गत पांच वर्ष में पकड़े गए: 9000 लगभग
सजा दी गई: 4500लगभग
भिखारियों के लिए होम: 11 
जीरो टालरेंस जोन: वीआईपी व राजनयिक क्षेत्र, हौजखास, कनॉट प्लेस, डिफेंस कॉलोनी, लाजपत नगर, सरोजनी नगर, इंडिया गेट, निजामुद्दीन, भैरों मार्ग, शाहजहां रोड, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और बस अड्डे।

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  • Web Title:जनपथ के कपड़े पहनकर राजपथ पर आ रहे भिखारी