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जहां आज भी लगता है मैच मेकिंग का मेला

जहां आज भी लगता है मैच मेकिंग का मेला

कहते हैं जोड़ियां ऊपर तय होती हैं, लेकिन जोड़ियां मिलाने का काम समाज के लोग करते रहे हैं। गुजरात में तो एक ऐसी जगह है, जहां जोड़ियां बनाने के लिए भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में आदिवासी युवक-युवतियां सजधज कर पहुंचते हैं और अपने जीवन साथी का चयन करते हैं। इस मेले के बारे में बता रहे हैं दुर्गादत्त शर्मा।

गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के थानगढ़ के पास तरणेतर में लगने वाला यह मेला महाभारत काल के अर्जुन द्वारा द्रौपदी के स्वयंवर की परम्परा से जुड़ा हुआ है। सौराष्ट्र का यह आदिवासी क्षेत्र आज भी उन परम्पराओं को जिंदा रखे हुए है, जो उसे सदियों से विरासत में मिली हुई हैं। परम्परा से जुड़ा मेला यह गुजरात के जाने-माने तथा लोकप्रिय मेलों में से एक है। इस अनूठे मैच मेकिंग मेले में आदिवासी युवक सुन्दर वस्त्रों से सुसज्जित अर्थात् सिर पर पारम्परिक पगड़ी, एम्ब्रॉयडरी युक्त जैकेट तथा जूते पहन कर अपने द्वारा ही बनायी आकर्षक एवं रंगबिरंगी छतरियों के नीचे बैठ कर युवतियों द्वारा पसन्द किये जाने का इंतजार करते हैं। युवतियां भी इस अवसर पर सज-धज कर, अपने पारम्परिक गहनों को पहने मेला स्थल पहुंच कर बातचीत द्वारा अपनी पसन्द के वर को चुनती हैं तथा एक दूसरे को पसन्द कर लेने के पश्चात उनके परिवारजनों द्वारा शादी की तारीख तथा अन्य समारोहों का आयोजन किया जाता है। मेले में गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों के पारम्परिक परिधानों की बिक्री तथा वस्त्र प्रदर्शनी में खरीदारों की भीड़ जुटती है। यहां पशु प्रदर्शनी तथा विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है। स्थानीय निवासी इन प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। प्रति दिन शाम से देर रात्रि तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक नृत्य कलाकारों द्वारा रास, गरबा, दूहा तथा हुडो लोक नृत्यों की प्रस्तुति से सैलानियों के पैर भी थिरकने लगते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में प्रात: काल से ही यहां के ऐतिहासिक एवं पुरातन त्रिनेश्वर मंदिर के पवित्र सरोवर में स्नान करने वालों की भीड़ लग जाती है। मान्यता है कि सरोवर में स्नान करने से गंगा नदी में स्नान करने जैसा पुण्य मिलता है। गुजरात पर्यटन विभाग पर्यटकों के लिए 2 रात और 3 दिन का टूर पेकेज भी आयोजित करता है।

कैसे पहुंचें

हवाई सेवा- निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद है तथा राजकोट के लिए अहमदाबाद व मुंबई से भी हवाई सेवा उपलब्ध है।

रेल मार्ग- निकटतम रेलवे स्टेशन थानगढ़ 8 किमी की दूरी पर है तथा अहमदाबाद राजकोट रेल मार्ग से जुड़ा है।

सड़क मार्ग- तरणेतर अहमदाबाद से 215 किमी़ तथा राजकोट से 75 किमी की दूरी पर है तथा राज्य सड़क परिवहन की नियमित सेवा से पहुंच सकते हैं।

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