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जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में गुरुवार को धार्मिक भावना और हर्षोल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला यह त्यौहार देश के कुछ हिस्सों में बुधवार को ही मना लिया गया था।

इस पावन अवसर पर दिल्ली में मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित किया गया है। भक्तों की सुरक्षा की दृष्टि से राजधानी के कुछ खास मंदिरों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिस कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही है।

इस्कॉन, छतरपुर, बिड़ला मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना का विशेष माहौल है। सुबह से ही विभिन्न मंदिरों के आगे श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण को खासतौर पर मिसरी और माखन का भोग लगाया जाएगा।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोगों को जन्माष्टमी की बधाई दी है। मनमोहन सिंह ने अपने बधाई संदेश में जन्माष्टमी के पर्व को भगवान कृष्ण की शिक्षाओं, अनुशासन, ज्ञान और नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने का उत्सव बताया है।

मध्य प्रदेश में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर धार्मिक उल्लास का माहौल है। यहां यह त्यौहार दो दिन मनाया जा रहा है। बुधवार को जहां इस पर्व को धूमधाम से मनाया गया, वहीं गुरुवार को भी कई स्थानों पर जन्माष्टमी मनाई जा रही है।

धर्माचार्यों के मुताबिक रोहणी नक्षत्र बुधवार से ही लग गया है, इस वजह से एक वर्ग ने इसी दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई और रात 12 बजते ही 'हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंज उठे। कृष्ण जन्म के साथ ही मंदिरों में उत्सव का दौर शुरू हो गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाइयां दी। वहीं कुछ लोग गुरुवार को रोहणी नक्षत्र की उद्या तिथि होने के कारण इस दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मना रहे हैं।

तमाम देवालयों में गुरुवार को भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है। भोपाल के लक्ष्मीनारायण बिड़ला मंदिर में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है, मंदिर में आकर्षक साज-सज्जा की गई है। इसी तरह श्रीजी मंदिर लखेरापुरा, बांके बिहारी लालजी के मंदिर में भी इसे गुरुवार को मनाया जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम है।

श्रीकृष्ण की स्थली मथुरा-वृंदावन में जन्माष्ठमी की धूम कुछ और ही है। यहां सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का जमावड़ा है। रसिया श्रीकृष्ण की प्रेयसी राधा के गांव बरसाने में भी जन्माअष्ठमी के मौके पर खूब धूम देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र में जन्माष्ठमी के मौके पर दही हांडी फोड़ने का चलन है और सुबह से ही गोविंदाओं की टोली अलग-अलग स्थानों पर जाकर दही हांड़ी फोड रहे हैं। दही हांडी फोड़ने के साथ ही गोविदाओं को मोटी-मोटी इनामी रकम भी मिलती है।  इसके अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी जनता को जन्माष्ठमी की शुभकामनाएं दी हैं।

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