DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शिक्षा विधेयक पर अलग थलग पड़े कपिल सिब्बल

शिक्षा विधेयक पर अलग थलग पड़े कपिल सिब्बल

राज्यसभा में शिक्षा न्यायाधिकरण विधेयक को चर्चा के लिए आगे टाल दिए जाने से भले ही मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को किरकिरी का सामना करना पड़ा हो लेकिर सरकार और कांग्रेस ने इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता के केशव राव या फ्लोर मैनेजमेंट को जिम्मेदार मानने से इंकार कर दिया।

सिब्बल ने कहा कि इस विधेयक को उच्च सदन की मंजूरी नहीं दिलवाए जाने के लिए वह किसी पर दोष नहीं डालेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पारित हो जाएगा। उन्होंने एक समारोह से इतर कहा कि जो कुछ भी हुआ मैं उसकी सारी जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं। मुझे लगता है कि किसी पर दोष डालना मेरे लिए अशोभनीय होगा।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि उच्च सदन में कांग्रेस सदस्य केशव राव के विधेयक के खिलाफ बोलने या सदन की भावना को देखते हुए विधेयक को चर्चा के लिए आगे टाले जाने की सरकार की अंतिम समय में बनाई गई रणनीति, इन दोनों में किसी को भी वह गलत नहीं मानते।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सदन की भावना को ध्यान में रखते हुए सदन चलाने की अपनी रणनीति बनाती है। बंसल ने कहा कि लोकतंत्र का सार है कि सांसद अपने विचार व्यक्त कर सकें। उन्हीं सदस्य (केशव राव) ने कहा कि वह विधेयक का विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इस सवाल को खारिज कर दिया कि राव ने प्रस्तावित कानून के खिलाफ बोलकर इसे टालने का मार्ग प्रशस्त किया जिससे पार्टी और सरकार की किरकिरी हुई।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने राव का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक दल और सब की राय पर गौर करती है। एक केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राव के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से सदन के विशेषाधिकार हनन का मामला उठ सकता है क्योंकि सदस्य ने कहा था कि वह विधेयक समर्थन कर रहे हैं।

कांग्रेस के कई नेताओं एवं मंत्रियों का मानना है कि सिब्बल को विधेयक लाने से पहले स्थायी समिति की सिफारिशों को उचित स्थान देना चाहिए था। पार्टी के एक वर्ग का यह भी मानना है कि इस विधेयक को अड़चनों का इसलिए सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इससे शिक्षा माफिया और निहित स्वाथो के हित बाधित होंगे।

बंसल ने कहा था कि जब वह किसी मुद्दे पर सांसद के तौर पर बोलते समय खुलकर अपने विचार व्यक्त करते थे लेकिन जब मतदान का समय आता था तो वह पार्टी के निर्देशों का पालन करते थे।

इस बीच, राज्यसभा में शिक्षा अधिकरण विधेयक को चर्चा के लिए टाले जाने के कारण सरकार की किरकिरी के बाद सिब्बल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें किसी के साथ कोई गुरेज नहीं है। सिब्बल ने कहा कि किसी ने भी कोई बात कही। वे मेरी ही पार्टी के लोग हैं। मैं उनके खिलाफ टिप्पणी नहीं करूंगा। वे जानते हैं कि उनकी भावनाएं क्या हैं फिर भी मैं उनका सम्मान करता हूं। बहरहाल, उन्होंने यह विश्वास जताया कि विधेयक सदन के अगले सत्र में पारित हो जाएगा।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शिक्षा विधेयक पर अलग थलग पड़े कपिल सिब्बल