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समझौता मात्र छलावा, हड़ताल तीन से ही

झारखंड शिक्षक कर्मचारी पदाधिकारी संघर्ष समिति ने सीएस के साथ हुई वार्ता को छलावा बताया। 28 जनवरी को हुई बैठक में साफ कहा गया कि वे लोग एक जनवरी 2006 से केंद्रीय वेतनमान लेकर रहेंगे। नीतिगत निर्णय लेने की बात कहकर मामले को फिर टालने का प्रयास किया गया है। इस पर किसी भी हाल में उनका संगठन तैयार नहीं होगा। समिति के चितरांन कुमार के अनुसार तीन से होनेवाली हड़ताल के लिए संपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। 30 को राजभवन के समक्ष महाधरना का आयोजन किया गया है। इसमें राज्यभर के शिक्षक, कर्मचारी जुटेंगे। तीन से सभी कार्यालयों में काम ठप करा दिया जायेगा। दो को रांची में मशाल जुलूस निकलेगा। बैठक में सभी कर्मचारियों से तीन से काम नहीं करने का आह्वान किया गया है। बैठक में श्याम नारायण सिंह, केके यादव, धर्मराज तिवारी, रवींद्र प्रसाद सिंह, नवीन चौधरी, चितरांन कुमार, अमरनाथ झा समेत अन्य उपस्थित थे।ड्ढr गांधीगिरी से विरोध जतायेंगे शिक्षकड्ढr रांची। अब झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ को भी छात्रों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। इसी कारण संघ ने इस शैक्षणिक सत्र में हड़ताल में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। महासचिव योगेंद्र तिवारी, उप महासचिव रणविजय तिवारी ने कहा है कि पहले किताबें लेट से मिलीं। परीक्षा सिर पर है, ऐसे में हड़ताल ठीक नहीं होगी। कहा कि शिक्षक समस्याओं को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। गांधीगिरी से विरोध किया जायेगा। पहले राज्यपाल को ज्ञापन, फिर उच्चाधिकारियों को गुलाब के फूल के साथ डिमांड की कॉपी सौंपी जायेगी। इसके बाद बात नहीं बनी तो अगले शैक्षणिक सत्र के शुरुआत से हड़ताल पर विचार किया जायेगा।

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