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सूबे में खुलेंगे 5 नए पॉलीटेक्िनक कॉलेज

डिप्लोमा इंजीनियर बनने वालों के लिए खुशखबरी है। केन्द्र सरकार ने सूबे में पांच नये पॉलिटेक्िनक कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी है। साथ ही प्रति पॉलिटेक्िनक कॉलेज 12.30 करोड़ रुपए देने का भी निर्णय किया है। इससे डिप्लोमा इंजीनियर बनने के लिए प्रदेश से पलायन करने वाले छात्रों में कमी आयेगी। अभी सूबे में सरकारी स्तर पर 14 पॉलिटेक्िनक कॉलेज हैं जिसमें 3345 छात्रों का हर वर्ष नामांकन होता है।ड्ढr ड्ढr इन नये पॉलिटेक्िनक कॉलेजों से 1500 और छात्रों का नामांकन हो सकेगा। केन्द्र सरकार की योजना पूर देश में पॉलिटेक्िनक कॉलेज की संख्या बढ़ाने की है। सामान्यतया एक इंजीनियरिंग कॉलेज की तुलना में चार पॉलिटेक्िनक कॉलेज की आवश्यकता है। पर सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि पूर देश में यह मानक टूट गया है। देश के दक्षिणी राज्यों में तो इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या पॉलिटेक्िनक कॉलेज से भी अधिक है। बिहार में 15 इंजीनियरिंग कॉलेज और 14 पॉलिटेक्िनक कॉलेज हैं। यह देखते हुए केन्द्र सरकार ने सूबे के 34 जिलों में चरणबद्ध रुप से पॉलिटेक्िनक कॉलेज खोलने की योजना बनायी है।ड्ढr ड्ढr फिलहाल पहले चरण में पांच जगहों नालन्दा, लखीसराय, बेतिया, कटिहार एवं अररिया में पॉलिटेक्िनक कॉलेज खोलने के साथ ही प्रति पालिटेक्िनक 12.30 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। हालांकि एक पॉलिटेक्िनक कॉलेज खोलने में करीब 60 करोड़ का खर्च है। इसलिए बाकी राशि राज्य सरकार अपने बजट से लगायेगी। इसमें नालंदा, लखीसराय, बेतिया और कटिहार में जमीन की व्यवस्था हो गई है। अररिया के जिलाधिकारी को जमीन की व्यवस्था शीघ्र करने का निर्देश दिया गया है। एक पॉलिटेक्िनक कॉलेज के लिए 5 एकड़ जमीन की जरूरत है।

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