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बेउर जेल: रात में गांजे व मोबाइल की बरसात!

तू डाल-डाल तो मैं पात-पात। कैदियों और जेलकर्मियों के बीच इसी तर्ज पर खेल चल रहा है। रात में अंधरा छाते ही राज्य की एकमात्र ‘आदर्श’ केन्द्रीय जेल बेउर में गांजा, मोबाइल और अन्य अवैध सामान की बरसात होती है। फायदा सिर्फ कैदियों को है जबकि जेल प्रशासन का सिरदर्द बढ़ता जा रहा है। दरअसल जेल के अंदर और बाहर कड़ी चौकसी को देखते हुए लंबे समय बाद कैदियों द्वारा ‘बरसाती फॉमरूला’ पर बाहर से अवैध सामान अंदर मंगाये जा रहे हैं।ड्ढr ड्ढr चहारदीवारी के बाहर से पैकेट बना कर बदमाश अवैध सामान अंदर फेंकते हैं जहां पहले से तैयार कैदी उसे रिसीव करता है। इस काम के लिए असामाजिक तत्वों ने जेल के दक्षिणी हिस्से को अपना ‘सॉफ्ट टारगेट’ बना रखा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दक्षिण भाग की चहारदीवारी से सटे आवासीय इलाका और सड़क होने का फायदा भी बदमाशों को मिलता है। शाम से ही लफंगे उस इलाके में लोकल पब्लिक की तरह मंडराते रहते हैं और फिर मौका मिलते ही सामान ‘थ्रोइंग’ कर निकल जाते हैं।ड्ढr ड्ढr जेल के एक अधिकारी ने बताया कि दिन में विशेषकर बेउर जेल के अंदर दक्षिणी हिस्से में सघन पेट्रॉलिंग होती है। नतीजतन रात में ही अंदर से इशारा मिलने पर बाहर से सामान फेंका जाता है। दूसरी तरफ कैदियों और जेलकर्मियों के बीच साठगांठ के कारण भी अवैध सामान आसानी से अंदर तक पहुंच जाता है। बीते 22 जनवरी को जेल गेट पर तलाशी में 100 ग्राम गांजा के साथ धराया जेल का दर्जी मो. उस्मान इसी सच्चाई पर मुहर लगाता है। उस्मान भी कैदियों तक गांजा पहुंचाने जा रहा था जिसके बदले उसे मोटी रकम मिलती। मंगलवार को जेलर डी. डी. मित्रा ने बताया कि उस्मान दैनिक कर्मचारी था। गांजा के साथ पकड़े जाने के बाद उसे जेल से हटा दिया गया है।

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