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मरांडी की ‘घर वापसी’ के प्रयास जारी: मित्रा

भाजपा न बुधवार को साफतौर पर कहा है कि राज्य के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी की पार्टी मं वापसी के लिए शीर्ष स्तर पर प्रयास अब भी जारी हैं।ड्ढr भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य तथा पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के करीबी सांसद चंदन मित्रा न एक खास बातचीत मं कहा किमरांडी की घरवापसी के लिए प्रयास अब भी शीर्ष स्तर पर जारी हैं। मरांडी द्वारा हाल मं भाजपा मं वापसी स इंकार किये जान के बार मं पूछने पर मित्रा न कहा-राजनीति मं कभी भी पूर्णविराम नहीं हाता। बातचीत अब भी चल रही है और हा सकता है कि उनकी वापसी हा जाये।ड्ढr श्री मित्रा न दावा किया कि हाल मं आडवाणी स मुलाकात के दौरान मरांडी स उनकी पार्टी का भाजपा मं विलय करन का अनुराध किया गया था, पर उन्हांन फिलहाल इसस इंकार करत हुए आडवाणी का चुनाव स पहल और बाद मं पूरा समर्थन दन की बात कही थी। उन्हांन फिलहाल अपन दल का अलग अस्तित्व बचाये रखन की बात कही थी जिसको लकर इस तरह की गलतफहमी हा गयी कि उनकी भाजपा मं वापसी की काई गुंजाइश ही नहीं है। श्री मित्रा यहां एक सेमीनार में हिस्सा लेने आये थे। प्रस्ताव मिला तो तालमेल पर विचार: मरांडीरांची। भाजपा में वापसी की चर्चा को झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी सिर से खारिा करते हैं। हिन्दुस्तान से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों से मिलना जुलना अलग बात है। वापसी का सवाल ही नहीं। यही मूल्य-सिद्धांत तो मेरी पूंजी है, और आज यही मेरी पहचान भी।ड्ढr जहां तक चुनावी तालमेल का सवाल है, पहले प्रस्ताव तो आये। हमारी पार्टी विचार करगी। राज्य में तुरंत चुनाव के पक्षधर मरांडी यूपीए, खासकर कांग्रेस से खफा हैं। वह कहते हैं: शिबू के इस्तीफे के बाद जब सरकार बनाने में विपक्ष तक की रूचि नहीं, तो विधानसभा को बचाये रखने का क्या औचित्य है? इसे भंग करने की बजाय निलंबन की स्थिति में रखकर कांग्रेस राज्य में फिर से हॉर्स ट्रेडिंग करवाना चाहती है। इसका खामियाजा उसे आनेवाले चुनावों में भुगतना ही होगा। मरांडी लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ कराने के हिमायती हैं। अगर ऐसा हुआ तो वह विधानसभा के लिये चुनाव लड़ेंगे।ड्ढr

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  • Web Title: मरांडी की ‘घर वापसी’ के प्रयास जारी: मित्रा